आज से शुरू हुआ नौतपा! अगले 9 दिन बरसेगी आग, भूलकर भी न करें ये गलतियां
आज से सूर्य देव के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते ही नौतपा की शुरुआत हो गई है. अगले 9 दिनों तक भीषण गर्मी के साथ धार्मिक महत्व भी बढ़ेगा. जानिए नौतपा के खास नियम, किन कामों से बचना चाहिए और सूर्य देव को प्रसन्न करने वाले शक्तिशाली मंत्र.

नई दिल्ली: आज से नौतपा की शुरुआत हो गई है, जो 2 जून 2026 तक चलेगा. हिंदू पंचांग और ज्योतिष शास्त्र में नौतपा को साल के सबसे गर्म दिनों का दौर माना जाता है. मान्यता है कि इस दौरान सूर्य देव पृथ्वी के बेहद करीब होते हैं, जिससे तापमान तेजी से बढ़ता है और भीषण गर्मी पड़ती है. ज्योतिषीय गणना के अनुसार, जब सूर्य देव रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तभी नौतपा आरंभ होता है. सूर्य इस नक्षत्र में क रीब 15 दिनों तक रहते हैं, लेकिन शुरुआती 9 दिनों में उनका प्रभाव सबसे अधिक तेज माना जाता है. यही वजह है कि इन दिनों को नौतपा कहा जाता है.
नौतपा में क्या करना चाहिए?
जल का दान करना शुभ
धार्मिक मान्यता के अनुसार, नौतपा के दौरान जल का दान करना बेहद पुण्यकारी माना जाता है. राहगीरों के लिए प्याऊ लगवाना या ठंडे पानी की व्यवस्था करना शुभ माना गया है.
पशु-पक्षियों के लिए रखें पानी
भीषण गर्मी के बीच पशु-पक्षियों की देखभाल करना भी जरूरी बताया गया है. घर की छत, बालकनी या आंगन में मिट्टी के बर्तनों में साफ पानी और दाना रखना चाहिए.
ठंडी चीजों का करें सेवन
इस दौरान शरीर में पानी की कमी न हो, इसका विशेष ध्यान रखना चाहिए. डाइट में तरबूज, खरबूजा, खीरा, ककड़ी, छाछ, लस्सी, पना और नींबू पानी जैसी ठंडी चीजों को शामिल करना फायदेमंद माना जाता है.
दान-पुण्य का महत्व
सनातन परंपरा में नौतपा के दौरान सत्तू, मिट्टी का घड़ा, हाथ का पंखा और छाता दान करना शुभ और फलदायी माना गया है.
नौतपा में किन बातों से बचना चाहिए?
तेज धूप में निकलने से बचें
दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक धूप सबसे ज्यादा तेज रहती है. ऐसे में बहुत जरूरी न हो तो बाहर निकलने से बचना चाहिए. बाहर जाते समय सिर और कान को सूती कपड़े या छाते से ढकना बेहतर माना गया है.
भारी और तामसिक भोजन से दूरी
इन दिनों ज्यादा मसालेदार, तला-भुना, बासी और भारी भोजन करने से बचना चाहिए. गर्मी के कारण पाचन तंत्र कमजोर हो सकता है.
मांसाहार और शराब से परहेज
धार्मिक और स्वास्थ्य दोनों दृष्टि से नौतपा में मांस, मछली और शराब जैसी गर्म तासीर वाली चीजों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी जाती है.
शुभ कार्यों को लेकर मान्यता
कई जगहों पर पारंपरिक मान्यता है कि नौतपा के दौरान विवाह और बड़े मांगलिक कार्यों की शुरुआत नहीं की जाती, क्योंकि इस समय अत्यधिक गर्मी लोगों को परेशान कर सकती है.
पौराणिक मान्यता क्या कहती है?
मान्यता है कि नौतपा के दौरान जितनी अधिक गर्मी पड़ती है, मानसून में उतनी ही अच्छी बारिश होती है. इसे प्रकृति के संतुलन का महत्वपूर्ण चक्र माना जाता है.
सूर्य देव के मंत्र
नौतपा में सूर्य देव की आराधना का विशेष महत्व बताया गया है. इस दौरान मंत्र जाप करने से मानसिक शांति मिलने और सूर्य दोष दूर होने की मान्यता है.
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ऊं ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः.
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ऊं सूर्याय नमः
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ऊं घृणि सूर्याय नमः.
Disclaimer: ये धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है, JBT इसकी पुष्टि नहीं करता.


