इज़राइल में 27 अक्टूबर को होगा नेसेट चुनाव, क्या नेतन्याहू को मिलेगा 7वां कार्यकाल?
लेबनान में सैन्य अभियान के बीच इज़राइल ने रविवार को ऐलान किया कि देश में आम चुनाव 27 अक्टूबर को होंगे। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू इस चुनाव में लगातार सातवीं बार सत्ता में वापसी की उम्मीद कर रहे हैं।

नई दिल्ली: लेबनान में सैन्य अभियान के बीच इज़राइल ने रविवार को ऐलान किया कि देश में आम चुनाव 27 अक्टूबर को होंगे। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू इस चुनाव में लगातार सातवीं बार सत्ता में वापसी की उम्मीद कर रहे हैं। 1988 के बाद ये पहला मौका है जब इज़राइल में नेसेट अपना पूरा 4 साल का कार्यकाल पूरा कर रहा है।
चुनाव की तारीख और नेसेट का कार्यकाल
नेसेट हाउस कमेटी के चेयरमैन और लिकुड सांसद ओफिर काट्ज़ ने चुनाव की घोषणा की। उन्होंने बताया कि मौजूदा नेसेट 17 जुलाई को अपना कार्यकाल पूरा करेगा। नेसेट की कानूनी सलाहकार सगीत अफिक ने साफ किया कि सरकार का कार्यकाल छोटा करने का कोई इरादा नहीं है। इस बार किसी 'भंग करने वाले कानून' की जरूरत भी नहीं पड़ेगी।
इज़राइल की संसद नेसेट में 120 सीटें हैं। सरकार बनाने के लिए 61 सीटों का बहुमत जरूरी है। अभी नेतन्याहू के नेतृत्व में 5 दलों का दक्षिणपंथी गठबंधन सत्ता में है। इसमें लिकुड, शस, यूनाइटेड तोराह जुडिज्म, रिलीजियस ज़ायोनिज़्म और ओत्ज़मा येहुदित शामिल हैं।
सर्वे क्या कह रहा है?
नेतन्याहू अब तक 6 बार PM रह चुके हैं और सबसे लंबे समय तक इस पद पर रहने वाले नेता हैं। लेकिन ताजा सर्वे उनके लिए राह आसान नहीं दिखा रहा। 'द इकोनॉमिस्ट' के सर्वे के मुताबिक मौजूदा गठबंधन को लगभग 54 सीटें मिल सकती हैं।
लिकुड को अकेले 25 सीटें, शस को 9, रिलीजियस ज़ायोनिज़्म को 5, और यूनाइटेड तोराह जुडिज्म व ओत्ज़मा येहुदित को 8-8 सीटें मिलने का अनुमान है। वहीं विपक्ष को 65 सीटें मिल सकती हैं। यानी गठबंधन बहुमत से 7 सीट पीछे रह सकता है। इसके बावजूद सत्ताधारी खेमा जीत का दावा कर रहा है।
गठबंधन का दावा और विपक्ष का हमला
ओफिर काट्ज़ ने 'द जेरूसलम पोस्ट' से कहा, "40 साल से ज्यादा बाद नेसेट अपना पूरा कार्यकाल पूरा कर रहा है। हमने 9 बजट और सैकड़ों नागरिक हित के कानून पास किए हैं।" दूसरी तरफ विपक्ष लगातार हमलावर है। वो नेतन्याहू से तुरंत इस्तीफा मांग रहा है और गाज़ा व लेबनान में चल रहे अभियानों को लेकर सरकार की नीतियों पर सवाल उठा रहा है।
'यिसराएल बेतेनु' के नेता एविग्डोर लिबरमैन ने कहा, "हम 7 अक्टूबर के नरसंहार के लिए जिम्मेदार सरकार को हटाएंगे। एक ज़ायोनी और समझदार सरकार बनाकर देश का पुनर्निर्माण करेंगे।" अब मुकाबला सीधा है। एक तरफ नेतन्याहू का अनुभव और गठबंधन की मजबूती, दूसरी तरफ युद्ध और सुरक्षा को लेकर बढ़ती नाराजगी। 27 अक्टूबर का नतीजा तय करेगा कि इज़राइल की राजनीति में नेतन्याहू का दौर आगे बढ़ेगा या खत्म होगा।


