PM मोदी-राहुल गांधी की संसद परिसर में मुलाकात, दोनों नेताओं में खूब हुई बातें, देखें Video
महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बीच एक दिलचस्प मुलाकात हुई. दोनों नेता आपस में खुलकर बात करते नजर आए. यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.

संसद भवन में आमने-सामने खड़े राहुल गांधी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. 11 अप्रैल को महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचे पीएम मोदी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बीच हुई संक्षिप्त बातचीत लोगों का ध्यान खींच रही है. वीडियो में देखा जा सकता है कि प्रेरणा स्थल पर दोनों नेताओं ने कुछ सेकंड्स तक एक-दूसरे से चर्चा की. संसद परिसर में इस अनौपचारिक मुलाकात का वीडियो अब खूब चर्चा में है.
संसद में राहुल-मोदी की मुलाकात
वीडियो में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला, विपक्ष के नेता राहुल गांधी, केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और राज्यसभा के पूर्व उपसभापति हरिवंश मौजूद दिख रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक-एक कर सभी से मिलते हैं और फिर राहुल गांधी के सामने रुक जाते हैं. दोनों नेताओं के बीच कुछ पलों तक बातचीत होती दिख रही है. दोनों के बीच ठीक क्या बात हुई, यह स्पष्ट नहीं है, लेकिन यह छोटी सी मुलाकात सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोर रही है.
#WATCH | Delhi: Prime Minister Narendra Modi arrives at Prerna Sthal on the Parliament premises to pay a floral tribute to Mahatma Jyotiba Phule on his 200th birth anniversary today.
Lok Sabha Speaker Om Birla, Lok Sabha LoP Rahul Gandhi, Union Minister Arjun Ram Meghwal, former… pic.twitter.com/QexqUVky1Z— ANI (@ANI) April 11, 2026
महात्मा फुले को श्रद्धांजलि देते हुए क्या बोले PM मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महान समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. उन्होंने कहा कि फुले का पूरा जीवन समानता, न्याय और शिक्षा के आदर्शों के लिए समर्पित रहा. मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए लिखा, "महान समाज सुधारक महात्मा फुले के 200वीं जयंती वर्ष के समारोहों का आरंभ हो रहा है. उन्होंने अपना पूरा जीवन शिक्षा, ज्ञान और जन कल्याण को समर्पित कर दिया."उन्होंने आगे लिखा, "वे महिलाओं और हाशिए पर पड़े लोगों के अधिकारों की वकालत करने में अग्रणी थे. उनके विचार सामाजिक प्रगति की दिशा में सभी का मार्गदर्शन करते रहें." प्रधानमंत्री ने कहा कि महात्मा फुले के प्रयासों से शिक्षा सशक्तीकरण का एक शक्तिशाली माध्यम बनी.


