नई दिल्ली: केंद्र सरकार में अगले महीने बड़े स्तर पर मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल की चर्चाएं तेज हो गई हैं. बता दें, विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, संसद के मानसून सत्र से पहले या उसके तुरंत बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने मंत्रिमंडल में बदलाव कर सकते हैं. अगर ऐसा होता है, तो तीसरे कार्यकाल में यह पहला बड़ा कैबिनेट फेरबदल होगा, जिस पर राजनीतिक गलियारों की नजरें टिकी हुई हैं.
सूत्रों के मुताबिक, मंत्रिमंडल में संभावित बदलाव भारतीय जनता पार्टी के संगठनात्मक पुनर्गठन के साथ भी जुड़ सकता है. चर्चा है कि नई भाजपा टीम की घोषणा के आसपास ही केंद्रीय मंत्रिमंडल में भी बदलाव किए जा सकते हैं. हालांकि, सरकार या भाजपा की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.
इतना ही नहीं, राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि कुछ वरिष्ठ मंत्रियों के विभागों में फेरबदल किया जा सकता है. शिक्षा मंत्रालय को लेकर सबसे अधिक अटकलें लगाई जा रही हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि हाल के समय में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर हुए विवाद के बाद शिक्षा व्यवस्था कई सवाल उठाए गए है. इतना ही नहीं इस विवाद के चलते केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की भी मांग की गई है, जिसके बाद शिक्षा मंत्रालय में बदलाव की संभावना जताई जा रही है. इसके अलावा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और मनोहर लाल खट्टर जैसे अन्य महत्वपूर्ण मंत्रालयों में भी जिम्मेदारियों के पुनर्वितरण की चर्चाएं तेज हैं.
इन्हीं खबरों के बीच संभावित नए चेहरों को लेकर भी कई नाम सामने आ रहे हैं. मीडिया रिपोर्ट्स में कुछ सहयोगी दलों के नेताओं और भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को मंत्रिमंडल में जगह मिलने की संभावना जताई जा रही है. साथ ही यह भी चर्चा है कि प्रशासन और अर्थव्यवस्था से जुड़े अनुभवी व्यक्तियों को सरकार में अहम जिम्मेदारी दी जा सकती है. हालांकि, इन सभी नामों को लेकर अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर मंत्रिमंडल में बदलाव होता है तो उसका उद्देश्य आगामी विधानसभा चुनावों से पहले सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल बनाना, विभिन्न सामाजिक वर्गों को प्रतिनिधित्व देना और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सहयोगी दलों के साथ संतुलन स्थापित करना हो सकता है.
इसके अलावा, हाल के महीनों में शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विवादों और विभिन्न प्रशासनिक मुद्दों के बाद सरकार अपनी कार्यशैली को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में भी कदम उठा सकती है. फिलहाल सभी निगाहें केंद्र सरकार के आधिकारिक फैसले पर टिकी हैं, क्योंकि मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल को लेकर अभी तक कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है. First Updated : Tuesday, 30 June 2026