Priyanka Faces Contempt: कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद अब उनकी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा भी कानूनी शिकंजे में फंस सकती हैं। बीजेपी सांसद मनन कुमार मिश्रा का कहना है कि प्रियंका ने कोर्ट के खिलाफ बयान देकर उसकी तौहीन की। उनका आरोप है कि प्रियंका ने मीडिया में कई बार गैर-जिम्मेदाराना लफ्ज़ इस्तेमाल किए जो अदालत की इज़्ज़त के खिलाफ हैं। इस बयानबाज़ी के चलते अब उन पर अवमानना याचिका दाखिल करने की तैयारी हो रही है।
बीजेपी सांसद मनन कुमार मिश्रा ने कहा कि प्रियंका गांधी ने जो अल्फ़ाज़ कहे, वो न सिर्फ कोर्ट बल्कि जनता के भरोसे को भी चोट पहुँचाते हैं। उन्होंने कहा कि बार और वकील मिलकर अवमानना याचिका दायर करेंगे। सांसद ने साफ कहा कि देश की आवाम अब अदालत की तौहीन करने वालों को बर्दाश्त नहीं करेगी। उनका मानना है कि कोर्ट का हुक्म सबके लिए बराबर होना चाहिए, चाहे वो कोई भी सियासी शख्सियत क्यों न हो।
यह पूरा मामला राहुल गांधी के पुराने बयान से जुड़ा है। 2022 में भारत जोड़ो यात्रा के दौरान राहुल ने चीन और भारतीय सेना पर विवादित टिप्पणी की थी। सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में उस टिप्पणी पर कड़ा रुख अपनाया और राहुल को फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि ऐसे बयान सरहद पर तैनात जवानों का हौसला तोड़ सकते हैं। इसी केस की गूंज अब प्रियंका तक पहुँच गई है क्योंकि उन्होंने भी उसी संदर्भ में मीडिया से बयान दिए थे।
सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान साफ कहा था कि किसी भी सियासी नेता को संवेदनशील मसलों पर बयानबाज़ी करते वक्त हदें याद रखनी चाहिए। जज दीपांकर दत्ता ने यहां तक कहा था कि अगर कोई सच्चा भारतीय है तो ऐसे बयान नहीं देगा। कोर्ट ने सबूत मांगे थे कि चीन ने 2000 वर्ग किलोमीटर जमीन कैसे कब्जाई। ये सवाल सीधे राहुल पर था, मगर असर प्रियंका पर भी पड़ा।
कांग्रेस पार्टी का कहना है कि प्रियंका गांधी के बयान को गलत तरीके से तोड़ा-मरोड़ा जा रहा है। पार्टी के प्रवक्ता का कहना है कि प्रियंका ने सिर्फ सवाल उठाए थे, अदालत की तौहीन नहीं की। कांग्रेस का दावा है कि बीजेपी जानबूझकर इस मुद्दे को तूल दे रही है ताकि असली मसलों से ध्यान हटे। पार्टी ने कहा कि प्रियंका जनता के हक में आवाज़ उठा रही हैं, अदालत के खिलाफ नहीं।
इस मामले ने संसद से लेकर सड़कों तक सियासत को गरमा दिया है। बीजेपी प्रियंका के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रही है, वहीं कांग्रेस इसे बदले की कार्रवाई बता रही है। सोशल मीडिया पर भी इसको लेकर तीखी बहस छिड़ गई है। लोग पूछ रहे हैं कि क्या अदालत की आलोचना करना भी अब अपराध बन जाएगा? या फिर नेताओं को अपनी ज़ुबान पर लगाम लगानी चाहिए।
अब सबकी नजरें सुप्रीम कोर्ट और बार एसोसिएशन की कार्रवाई पर हैं। अगर अवमानना केस दाखिल होता है तो प्रियंका को कोर्ट में पेश होना पड़ सकता है। कानूनी लड़ाई लंबी चल सकती है और सियासी बयानबाज़ी और बढ़ेगी। यह मामला कांग्रेस और बीजेपी के बीच एक और बड़ा मोर्चा खोल सकता है। जनता अब देख रही है कि कोर्ट क्या रुख अपनाएगा और प्रियंका पर क्या असर पड़ेगा। First Updated : Wednesday, 06 August 2025