वेनेजुएला और जापान के बाद, जम्मू-कश्मीर में भी महसूस किए गए भूकंप के झटके

गुरुवार को दुनिया के कई हिस्सों में एक के बाद एक आए भूकंप के तेज झटकों ने लोगों को दहशत में डाल दिया. इस उथल-पुथल का सबसे भीषण रूप दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में देखने को मिला.

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नई दिल्ली: वैश्विक स्तर पर बीते चौबीस घंटे धरती की आंतरिक हलचल के नाम रहे. गुरुवार को दुनिया के कई हिस्सों में एक के बाद एक आए भूकंप के तेज झटकों ने लोगों को दहशत में डाल दिया. इस उथल-पुथल का सबसे भीषण रूप दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में देखने को मिला. जहां बैक-टू-बैक आए दो विनाशकारी भूकंपों ने भारी तबाही मचाई है. जापान सहित भारत के जम्मू-कश्मीर और पड़ोसी देश नेपाल में भी धरती कांपने की खबरें सामने आई हैं. वैश्विक स्तर पर लगातार आ रहे ये झटके इस बात का संकेत हैं कि टेक्टोनिक प्लेटों के भीतर बड़ा बदलाव हो रहा है.

वेनेजुएला में डोली धरती

वेनेजुएला में बुधवार शाम को स्थानीय समयानुसार लगभग एक मिनट के अंतराल पर 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो बेहद शक्तिशाली भूकंप आए. इन जुड़वां झटकों का केंद्र एक ही इलाका था. जिसने राजधानी काराकस को पूरी तरह हिलाकर रख दिया. इस आपदा की विभीषिका का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि काराकस के अल्तामिरा क्षेत्र में स्थित एक 22 मंजिला गगनचुंबी इमारत ताश के पत्तों की तरह ढह गई. चारों तरफ धूल का गुबार छा गया और लोग बदहवास होकर सड़कों की तरफ भागे. इसे वेनेजुएला के इतिहास में पिछले 100 वर्षों का सबसे भीषण भूकंप माना जा रहा है. सरकार ने गैस लाइनों को एहतियातन बंद कर दिया है ताकि मलबे में आग न लगे.

6.9 तीव्रता का जोरदार भूकंप

एशियाई महाद्वीप की बात करें तो जापान के उत्तरी तट पर भी गुरुवार सुबह 6.9 तीव्रता का जोरदार भूकंप महसूस किया गया. मौसम एजेंसी के अनुसार इसका केंद्र इवाते प्रान्त के पास जमीन से 50 किलोमीटर गहराई में था. हालांकि, गनीमत यह रही कि इस बार सुनामी की कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है. लेकिन झटके इतने तेज थे कि लोगों का खड़ा होना मुश्किल हो गया था.

भारत में भी भूकंप के तेज झटके

इसी क्रम में भारत के जम्मू-कश्मीर में भी पुलवामा जिले के आसपास भूकंप के झटके दर्ज किए गए. नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के आंकड़ों के अनुसार, रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 3.5 मापी गई. कम तीव्रता होने के कारण जम्मू-कश्मीर में किसी भी प्रकार के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है. दूसरी ओर, भारत के पड़ोसी देश नेपाल में भी गुरुवार तड़के भारतीय समयानुसार सुबह 05:21 बजे 3.8 तीव्रता का भूकंप आया, जिसका केंद्र सुदूर पर्वतीय क्षेत्र हुमला जिले में था. इससे ठीक पहले रविवार को भी हुमला के श्रीनगर क्षेत्र में 4.1 तीव्रता का झटका लगा था. लगातार आ रहे इन झटकों से पहाड़ी क्षेत्रों में लोग सहमे हुए हैं. लेकिन प्रशासन ने राहत की सांस ली है क्योंकि भारत और नेपाल दोनों ही जगहों पर फिलहाल किसी बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है. अधिकारी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं.

First Updated : Thursday, 25 June 2026