Punjab News: जाब सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक और सख्त कदम उठाया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर को निलंबित कर दिया है। भुल्लर को हाल ही में भ्रष्टाचार के आरोपों में गिरफ्तार किया गया था। यह फैसला सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का हिस्सा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में अब कोई भी भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। चाहे वह अधिकारी हो या नेता, दोषी को कड़ी सजा दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पारदर्शी और साफ-सुथरा शासन उनकी प्राथमिकता है। जनता का विश्वास तभी बना रह सकता है जब सरकारी कामकाज ईमानदारी से हो। उन्होंने दोहराया कि भ्रष्टाचार समाज की जड़ें कमजोर करता है। इसी वजह से पंजाब सरकार इसे खत्म करने की लड़ाई में पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई सिर्फ एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है बल्कि पूरे सिस्टम को साफ करने की दिशा में उठाया कदम है।
भगवंत मान ने कहा कि 2022 से उनकी सरकार ने लगातार भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान चलाया है। कई अधिकारी और नेता इसी नीति के तहत सजा पा चुके हैं। उन्होंने बताया कि सरकार की हर कार्रवाई से साफ हो जाता है कि जीरो टॉलरेंस सिर्फ बयान नहीं बल्कि हकीकत है। लोगों को अब भरोसा होना चाहिए कि प्रशासन में ईमानदारी को प्राथमिकता मिलेगी। यह नीति आने वाले समय में और सख्त होगी।
मुख्यमंत्री ने साफ किया कि डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर का निलंबन 16 अक्टूबर 2025 से माना जाएगा। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार में लिप्त पाए गए किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। कानून और नियम सभी के लिए समान हैं। यह कदम यह संदेश देने के लिए उठाया गया है कि पद और प्रभाव से कोई भी बचाव नहीं हो सकता। जो भी दोषी होगा, उसे सजा मिलेगी।
मान ने कहा कि भ्रष्टाचार की वजह से जनता का विश्वास टूटता है और देश की प्रगति रुक जाती है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भ्रष्टाचार से विकास की रफ्तार धीमी होती है। इसीलिए सरकार इसे खत्म करने को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने जनता से अपील की कि वे भी भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में सरकार का साथ दें। पारदर्शिता और जवाबदेही तभी मजबूत होगी जब लोग भी इसमें हिस्सा लेंगे।
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी जीरो टॉलरेंस नीति हमेशा जारी रहेगी। किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार को सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह संदेश सबको समझ लेना चाहिए कि सरकार इस मामले में किसी तरह की नरमी नहीं दिखाएगी। हर गलत काम करने वाले को कानून के मुताबिक सजा मिलेगी। इससे जनता का भरोसा और मजबूत होगा।
भगवंत सिंह मान ने कहा कि आज की कार्रवाई इस बात का सबूत है कि सरकार भ्रष्टाचार पर कभी समझौता नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि यह कदम बाकी अधिकारियों और नेताओं के लिए भी चेतावनी है। अगर कोई भ्रष्टाचार करेगा तो उसे तुरंत हटाया जाएगा। पंजाब सरकार का लक्ष्य साफ है—भ्रष्टाचार से पूरी तरह मुक्त राज्य बनाना। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई लगातार जारी रहेगी और इसमें कोई ढील नहीं दी जाएगी।
First Updated : Tuesday, 21 October 2025