मध्य पूर्व संकट में फंसे पंजाबियों की वापसी के लिए भगवंत मान सरकार का बड़ा कदम, चौबीसों घंटे हेल्पलाइन शुरू
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच पंजाब सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। भगवंत मान सरकार ने फंसे पंजाबियों की सुरक्षित वापसी के लिए चौबीसों घंटे हेल्पलाइन शुरू की है।

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव ने पंजाब के कई परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। बड़ी संख्या में पंजाबी वहां काम करते हैं। हालात बिगड़ने की खबरों के बाद उनके परिवार परेशान हैं। इसी स्थिति को देखते हुए पंजाब सरकार सक्रिय हो गई है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अधिकारियों को तुरंत कदम उठाने के निर्देश दिए। सरकार का कहना है कि किसी भी पंजाबी को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। इसी मकसद से राहत की पूरी व्यवस्था शुरू की गई है।
क्या पंजाब सरकार ने हेल्पलाइन शुरू की है
सरकार ने सबसे पहले एक चौबीसों घंटे चलने वाली हेल्पलाइन शुरू की है। यह हेल्पलाइन तुरंत प्रभाव से चालू कर दी गई है। इसका मकसद है कि विदेश में फंसे पंजाबी या उनके परिवार तुरंत संपर्क कर सकें। हेल्पलाइन पर आने वाली हर कॉल का रिकॉर्ड रखा जाएगा। हर कॉल को गंभीरता से लिया जाएगा। जरूरत पड़ने पर संबंधित विभागों से तुरंत संपर्क किया जाएगा। ताकि मदद जल्दी पहुंच सके।
क्या दो वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री के निर्देश पर दो वरिष्ठ अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक आरके जायसवाल को हेल्पलाइन का मुख्य प्रभारी बनाया गया है। वहीं गृह विभाग के सचिव विमल सेतिया को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। इन दोनों अधिकारियों का काम पूरे अभियान की निगरानी करना होगा। वे हर कॉल और हर सूचना पर नजर रखेंगे। ताकि किसी भी समस्या को तुरंत सुलझाया जा सके।
क्या विदेश मंत्रालय से संपर्क
सरकार ने साफ किया है कि केंद्र सरकार से लगातार संपर्क रखा जाएगा। नोडल अधिकारी को विदेश मंत्रालय के साथ लगातार संपर्क में रहने के निर्देश दिए गए हैं। भारत सरकार द्वारा जो भी बचाव अभियान चलाया जाएगा उसकी जानकारी ली जाएगी। उसी आधार पर पंजाब सरकार अपने लोगों की मदद करेगी। अगर किसी मामले में केंद्र से मदद चाहिए होगी तो तुरंत बात की जाएगी।
क्या फंसे लोगों की सूची
हेल्पलाइन पर आने वाली हर कॉल का पूरा रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। इससे यह पता चलेगा कि कितने लोग कहां फंसे हुए हैं। किसे किस तरह की मदद चाहिए। यह जानकारी आगे की कार्रवाई में मदद करेगी। सरकार का कहना है कि किसी भी कॉल को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। हर शिकायत और हर जानकारी को गंभीरता से लिया जाएगा।
क्या परिवारों को भी मिलेगी
यह कदम सिर्फ विदेश में फंसे लोगों के लिए नहीं है। उनके परिवारों को भी राहत देने के लिए उठाया गया है। कई परिवार अपने रिश्तेदारों की चिंता में परेशान हैं। हेल्पलाइन के जरिए उन्हें भी जानकारी मिल सकेगी। इससे परिवारों को भरोसा मिलेगा कि सरकार उनके साथ खड़ी है। संकट के समय यही भरोसा सबसे बड़ा सहारा होता है।
क्या गंभीर स्थिति देखते हुए उठाया ये कदम
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि यह कदम एक गंभीर स्थिति को देखते हुए उठाया गया है। उनका कहना है कि मध्य पूर्व में फंसे पंजाबियों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार हर संभव मदद देने के लिए तैयार है। सरकार अपने लोगों के साथ मजबूती से खड़ी है। चाहे वे देश में हों या विदेश में।


