पंजाब में बाढ़ का कहर, सीएम समेत सारे मंत्री-MLA देंगे एक महीने की तनख़्वाह राहत फंड में
पंजाब में बरसात और दरियाओं के उफान ने तबाही मचा दी है। हालात इतने खराब हैं कि कई शहर और गांव पानी में डूब गए हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान और सभी विधायक-मंत्री अपनी एक महीने की तनख़्वाह रिलीफ़ फंड में देने जा रहे हैं।

Punjab News: पंजाब में लगातार बारिश से हालात बेहाल हैं। सतलुज, ब्यास और रावी का पानी गांव-गांव में फैल गया है। पठानकोट से अमृतसर तक तबाही का मंजर है। खेत डूब गए, घर उजड़ गए और लोग बेघर हो गए। जनता कह रही है कि यह अल्लाह का इम्तिहान है।
हज़ारों लोग बेघर होकर राहत कैंपों में पनाह ले रहे हैं। गांवों की गलियों में नावें चल रही हैं। बचे-खुचे घरों में सिर्फ़ पानी और कीचड़ रह गया है। लोग अपनी रोज़मर्रा की ज़िंदगी को लेकर परेशान हैं। बच्चे बीमार हो रहे हैं और बुज़ुर्ग बेबस हैं।
ਕੁਦਰਤ ਦੀ ਮਾਰ ਅੱਗੇ ਕਿਸੇ ਦਾ ਕੋਈ ਜ਼ੋਰ ਨਹੀਂ, ਪਰ ਆਪਾਂ ਰਲ਼ ਮਿਲ ਕੇ ਇਸ ਔਖੀ ਘੜੀ ਵਿੱਚ ਇੱਕ ਦੂਜੇ ਦੇ ਨਾਲ ਖੜ੍ਹੀਏ। ਮੈਂ ਅਤੇ ਸਾਡੇ ਸਾਰੇ ਮੰਤਰੀ ਸਾਹਿਬਾਨ ਤੇ ਵਿਧਾਇਕ ਆਪਣੀ ਇੱਕ ਮਹੀਨੇ ਦੀ ਤਨਖ਼ਾਹ ਹੜ੍ਹ ਨਾਲ ਪ੍ਰਭਾਵਿਤ ਲੋਕਾਂ ਦੀ ਮਦਦ ਅਤੇ ਰਾਹਤ ਕਾਰਜਾਂ ਲਈ ਦੇ ਰਹੇ ਹਾਂ। ਸਾਡੀ ਸਰਕਾਰ ਅਤੇ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨ ਪੂਰੀ ਤਨਦੇਹੀ ਨਾਲ ਲੋਕਾਂ ਦੇ…
— Bhagwant Mann (@BhagwantMann) August 28, 2025
सरकार का बड़ा ऐलान
सीएम भगवंत मान ने एलान किया है कि वह, उनके सारे मंत्री और आम आदमी पार्टी के विधायक अपनी एक महीने की तनख़्वाह रिलीफ़ फंड में देंगे। उनका कहना है कि यह वक़्त सियासत का नहीं, बल्कि इंसानियत का है। उन्होंने लोगों से हौसला रखने की अपील की।
ਅੱਜ ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਸ੍ਰੀ ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ ਸਾਹਿਬ ਦੇ ਬਿਆਸ ਵਿਖੇ ਹੜ੍ਹ ਪ੍ਰਭਾਵਿਤ ਇਲਾਕੇ ਦਾ ਦੌਰਾ ਕਰਕੇ ਸਥਿਤੀ ਦਾ ਜਾਇਜ਼ਾ ਲਿਆ। ਲੋਕਾਂ ਦੀਆਂ ਦੁੱਖ-ਤਕਲੀਫ਼ਾਂ ਸੁਣੀਆਂ ਅਤੇ ਉਹਨਾਂ ਨੂੰ ਹੌਸਲਾ ਦਿੱਤਾ। ਹਰ ਕਿਸਮ ਦੇ ਨੁਕਸਾਨ ਦੀ ਪੂਰਤੀ ਕਰਾਂਗੇ।
— Bhagwant Mann (@BhagwantMann) August 28, 2025
ਕੁਦਰਤ ਮੂਹਰੇ ਕਿਸੇ ਦਾ ਜ਼ੋਰ ਨਹੀਂ ਚੱਲਦਾ, ਪਰ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਹੜ੍ਹ ਦੀ ਲਪੇਟ 'ਚ ਆਏ ਲੋਕਾਂ ਦੀ ਹਰ… pic.twitter.com/23HrKjjmGA
सोशल मीडिया पर अर्जी
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर लिखा कि कोई भी क़ुदरत के क़हर के सामने खड़ा नहीं हो सकता। मगर इस वक़्त हमें एक-दूसरे का सहारा बनना होगा। उन्होंने कहा कि सरकार और पूरा प्रशासन दिन-रात लोगों की मदद के लिए खड़ा है। उन्होंने दुआ की कि हालात जल्द संभल जाएं।
ज़मीनी हालात का जायज़ा
सीएम खुद बाढ़ प्रभावित इलाकों में जा रहे हैं। प्रशासन के अफसर 24 घंटे ड्यूटी पर हैं। गांवों में मेडिकल टीम और खाने-पीने का सामान पहुँचाया जा रहा है। किसान सबसे ज़्यादा तबाही झेल रहे हैं क्योंकि उनकी फसलें पूरी तरह डूब चुकी हैं।
विपक्ष भी सामने आया
विपक्षी दलों ने भी सरकार से और तेज़ राहत कार्य करने की मांग की है। उनका कहना है कि लोगों को सिर्फ़ आश्वासन से नहीं बल्कि असली मदद से राहत दी जाए। कई संगठनों ने भी खाना, कपड़ा और दवाइयां बांटने की शुरुआत कर दी है।
जनता की उमीदें बचीं
लोग मान रहे हैं कि सरकार अगर ईमानदारी से काम करे तो उन्हें इस मुसीबत से निकाला जा सकता है। जनता कह रही है कि यह वक़्त मिलकर खड़े होने का है। एक बुज़ुर्ग ने कहा, "जान बची है तो सब कुछ दोबारा बनाया जा सकता है, बस सरकार साथ रहे।"


