राजस्थान में भ्रष्टाचारियों पर चला भजनलाल सरकार का बुलडोजर, एक साथ 350 से ज्यादा अधिकारी-कर्मचारियों पर गिरी गाज

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत राज्य सरकार ने 20 अधिकारियों को नौकरी से निकाल दिया है. इसके अलावा 332 अधिकारियों और कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है.

calender

 राजस्थान: राजस्थान की सरकार ने भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता के खिलाफ बड़ा कदम उठाया है. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत राज्य सरकार ने 20 अधिकारियों को नौकरी से निकाल दिया है. इसके अलावा 332 अधिकारियों और कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है.

सरकार ने रोक दी पेंशन

सरकार के इस कदम से प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है. राजस्थान सरकार ने यह साफ कर दिया है कि भ्रष्टाचार करने वाले लोक सेवकों को सेवानिवृत्ति के बाद भी कानून से कोई राहत नहीं मिलेगी. 17 सेवानिवृत्त अधिकारियों और कर्मचारियों की आजीवन पेंशन को पूरी तरह रोक दिया गया है. कई मामलों में ग्रेच्युटी के भुगतान पर भी तत्काल प्रभाव से फ्रीज लगा दिया गया है.

रिटायरमेंट के बाद भी शिकंजा

मुख्य सचिव कार्यालय से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार वर्तमान में भ्रष्टाचार से जुड़े प्रशासनिक कार्रवाई का पूरा विवरण इस प्रकार है. 332 अधिकारी एवं कर्मचारी को तत्काल निलंबित कर दिया है. 17 पूर्व सरकारी कर्मचारी के आजीवन पेंशन पर रोक लगा दी गई है. 570 मामलो मेम विभागीय जांच जारी कर दी गई है.

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने क्या कहा

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि सरकारी पद जनता की सेवा और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शासन में पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है. जो भी सरकारी कर्मचारी आम जनता के जायज कार्यों में बाधा डालेगा या रिश्वतखोरी में लिप्त पाया जाएगा. उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

फाइलों को खंगाला

वर्तमान में एंटी करप्शन ब्यूरो और विभिन्न जांच कमेटियों द्वारा 570 मामलों की फाइलों को खंगाला जा रहा है. अधिकारियों का कहना है कि इन जांचों की रिपोर्ट आते ही दोषी पाए जाने वाले अन्य कार्मिकों पर भी गाज गिरना तय है. यह कार्रवाई केवल एक प्रशासनिक औपचारिकता नहीं है बल्कि भ्रष्टाचार के खिलाफ शुरू किए गए एक बड़े शुद्धीकरण अभियान का हिस्सा है.

 रडार पर कई और अधिकारी

यह कार्रवाई केवल एक प्रशासनिक औपचारिकता नहीं है बल्कि भ्रष्टाचार के खिलाफ शुरू किए गए एक बड़े शुद्धीकरण अभियान का हिस्सा है. वर्तमान में एंटी करप्शन ब्यूरो और विभिन्न जांच कमेटियों द्वारा 570 मामलों की फाइलों को खंगाला जा रहा है. अधिकारियों का कहना है कि इन जांचों की रिपोर्ट आते ही दोषी पाए जाने वाले अन्य कार्मिकों पर भी गाज गिरना तय है. First Updated : Monday, 01 June 2026