नशे की कमाई से बना आलीशान घर सीज, पहचान छुपाने को लिव-इन पार्टनर के नाम कराई रजिस्ट्री
राजस्थान पुलिस की ड्रग तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई के दौरान एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है. पुलिस ने एक आरोपी का घर भी जब्त कर लिया है, जिसे उसने ड्रग तस्करी से कमाए पैसे से बनाया था. हैरानी की बात यह है कि आरोपी ने यह घर अपने लिव-इन पार्टनर के नाम पर रजिस्टर करा रखा था जिसकी कीमत 50 लाख रुपये है.

नागौर: राजस्थान के नागौर जिले में नशा तस्करों के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. यहां एक आरोपी द्वारा अवैध कमाई से बनाए गए आलीशान मकान को सीज कर दिया गया है, जिसकी कीमत करीब 50 लाख रुपये बताई जा रही है.
चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी ने इस संपत्ति को अपनी पहचान छिपाने के लिए अपनी लिव-इन पार्टनर के नाम पर रजिस्टर्ड कर रखा था. पुलिस की गहन जांच के बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ और कार्रवाई को अंजाम दिया गया.
लंबे समय से पुलिस के रडार पर था आरोपी
जानकारी के मुताबिक, सुरपालिया थाना क्षेत्र के जानवा गांव निवासी बहादुर सिंह उर्फ समीर लंबे समय से पुलिस की निगरानी में था. उस पर स्मैक (हेरोइन) की सप्लाई करने का आरोप है और इसी अवैध कारोबार से उसने मोटी कमाई की थी.
इस काली कमाई से आरोपी ने नागौर के शारदापुरम इलाके में एक महंगा मकान तैयार कराया था.
लिव-इन पार्टनर के नाम कर रखी थी प्रॉपर्टी
जांच के दौरान सामने आया कि यह मकान आरोपी के नाम पर नहीं, बल्कि उसकी लिव-इन पार्टनर के नाम पर रजिस्टर्ड था. यह कदम उसने जांच एजेंसियों को भ्रमित करने के उद्देश्य से उठाया था.
पुलिस ने पुराने रिकॉर्ड खंगाले, जिसमें बहादुर सिंह के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत दो मामले पहले से दर्ज पाए गए. ये मामले करीब छह साल पुराने थे और एक बीकानेर के पांचू थाना क्षेत्र से जुड़ा हुआ था.
जांच में सामने आई काली कमाई की सच्चाई
गहराई से जांच करने पर पुलिस को पता चला कि मकान नशे के कारोबार से अर्जित पैसे से बनाया गया था. कुछ रिपोर्ट्स में इसकी कीमत एक करोड़ रुपये से अधिक भी बताई गई है.
मजबूत साक्ष्य जुटाने के बाद पुलिस ने यह मामला दिल्ली स्थित सक्षम प्राधिकरण के सामने पेश किया, जहां से मंजूरी मिलने के बाद मकान को सीज करने की कार्रवाई की गई.
नोटिस हटाने की कोशिश, जांच तेज
जांच में स्पष्ट हो गया है कि यह संपत्ति अवैध धन से बनाई गई है.मकान पर नोटिस चस्पा करने के कुछ ही समय बाद आरोपी ने उसे हटाने की कोशिश की, जिसे पुलिस ने गंभीरता से लिया है और आगे की जांच शुरू कर दी है.
नशा तस्करों पर लगातार कार्रवाई
पुलिस का कहना है कहा कि जिले में नशा तस्करों के खिलाफ सख्त अभियान जारी है. अवैध कमाई से बनी संपत्तियों की पहचान कर उन्हें सीज किया जा रहा है.
पिछले 15 दिनों में चार संपत्तियां सीज की जा चुकी हैं, जबकि कुल पांच मकानों पर कार्रवाई हो चुकी है. पुलिस ने साफ किया है कि ऑपरेशन संकल्प के तहत यह अभियान आगे भी जारी रहेगा.


