अजमेर का 'स्कॉर्पियो' कत्लकांड: जलती गाड़ी, चार लाशें और पहली पत्नी का खूनी मातम, जानिए पूरा मामला

अजमेर जिले से दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है. हाईवे के किनारे धूं-धूं कर जलती एक स्कॉर्पियो गाड़ी के अंदर चार जली हुई लाशों को बरामद किया गया.

Nidhi Jha
Edited By: Nidhi Jha

राजस्थान: अजमेर जिले से एक ऐसा रोंगटे खड़े कर देने वाला सनसनीखेज मामला सामने आया है. हाईवे के किनारे धूं-धूं कर जलती एक स्कॉर्पियो गाड़ी और उसके भीतर से मिली चार जली हुई लाशों ने शुरुआत में पुलिस को एक सड़क हादसे का भ्रम दिया. गांव में चीख-पुकार मची थी और घर के भीतर बैठी एक महिला छाती पीट-पीटकर जोर-जोर से रो रही थी.

कैसे किया कत्ल

लेकिन जब अजमेर पुलिस ने कड़ियों को जोड़ना शुरू किया तो हादसे की यह परतें खुलकर रोंगटे खड़े कर देने वाले सोचे-समझे कत्लकांड में तब्दील हो गई. चौंकाने वाली बात यह है कि घर के भीतर जो महिला सबसे ज्यादा मातम मनाने का ड्रामा कर रही थी वही इस खूनी साजिश की मास्टरमाइंड निकली. 

आधी रात को धू-धू कर जली गाड़ी

यह पूरी खौफनाक वारदात अजमेर जिले के बोराडा थाना इलाके के अंतर्गत आने वाले श्रीरामपुरा गांव की है. आधी रात के वक्त ग्रामीणों ने गांव से महज 500 मीटर की दूरी पर मुख्य सड़क के किनारे पूर्व सरपंच राम सिंह चौधरी की स्कॉर्पियो गाड़ी को भीषण आग की लपटों में घिरे देखा. ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी. मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने जब आग पर काबू पाया तो गाड़ी के अंदर का खौफनाक मंजर देखकर उनके होश उड़ गए.

शव पूरी तरह जलकर कोयला हो गाया

गाड़ी के भीतर तीन इंसानी शव पूरी तरह जलकर कोयला हो चुके थे जबकि एक अन्य शव गाड़ी से कुछ दूरी पर पास के खेत में लावारिस हालत में पड़ा मिला. मृतकों की शिनाख्त गांव के पूर्व सरपंच राम सिंह चौधरी, उनकी वृद्ध मां पूसी देवी, उनकी दूसरी पत्नी सूर्यज्ञान देवी और एक दूर के रिश्तेदार महिमा चौधरी के रूप में हुई.

दो पत्नियों का विवाद और अपनों का ही खून

अजमेर एसपी हर्षवर्धन के नेतृत्व में पुलिस ने कॉल डिटेल्स और ग्रामीणों से खुफिया पूछताछ शुरू की तो शक की सुई सीधे पहली पत्नी सुनीता पर जाकर टिक गई. जांच में सामने आया कि राम सिंह ने दो शादियां की थीं. पहली पत्नी सुनीता और दूसरी पत्नी सूर्यज्ञान देवी दोनों एक ही मकान में साथ रहते थे.

जांच में जुटी पुलिस

घटना वाली रात भी दोनों पक्षों के बीच घर के भीतर ही बेहद हिंसक झड़प हुई थी. पुलिस के मुताबिक विवाद इतना बढ़ा कि पहली पत्नी सुनीता ने अपने गुस्से पर काबू खो दिया. उसने अपनी सगी बेटी सरिता और अपने एक नाबालिग बेटे को इस खूनी खेल में शामिल किया. इन तीनों ने मिलकर धारदार हथियारों और लाठियों से हमला कर राम सिंह, उनकी मां, दूसरी पत्नी और रिश्तेदार की बेरहमी से हत्या कर दी.

फॉरेंसिक जांच ने खोला राज

जब पुलिस की टीमें बाहर जलती हुई गाड़ी और खेतों में बिखरे साक्ष्यों की जांच कर रही थी. तब पूर्व सरपंच राम सिंह की पहली पत्नी सुनीता घर के आंगन में गांव की महिलाओं के बीच बैठकर विलाप कर रही थी. वह कभी दहाड़ें मारकर रोती तो कभी बेहोश होने का नाटक करती. शुरुआत में सुनीता ने पुलिस को गुमराह करने के लिए कहानी गढ़ी कि उसकी सास पूसी देवी के सीने में अचानक तेज दर्द उठा था

जिसके बाद राम सिंह अपनी मां, दूसरी पत्नी और रिश्तेदार को लेकर आधी रात को अस्पताल के लिए निकले थे और रास्ते में यह दर्दनाक हादसा हो गया. मृत शरीरों पर धारदार हथियारों के गहरे घाव और गला घोंटे जाने के स्पष्ट निशान मिले. साफ था कि चारों की मौत आग लगने से काफी पहले ही हो चुकी थी. इसके बाद पुलिस ने हादसे के एंगल को खारिज करते हुए इसे सीधे तौर पर 'ब्लाइंड मर्डर' मानकर तफ्तीश शुरू कर दी.

लाशों को ठिकाने लगाने का मास्टर प्लान

चारों को मौत के घाट उतारने के बाद आरोपियों ने वारदात को सड़क हादसे का रूप देने की साजिश रची. उन्होंने चारों शवों को घसीटकर घर के बाहर खड़ी राम सिंह की ही स्कॉर्पियो गाड़ी में लादा। गाड़ी को हाईवे पर ले जाकर खड़ा किया और सबूत मिटाने के उद्देश्य से उसे केरोसिन या ज्वलनशील पदार्थ डालकर फूंक दिया. इस दौरान एक शव गाड़ी से बाहर गिर गया जिसे वे जल्दबाजी में वहीं छोड़ भाग निकले. अजमेर पुलिस ने मुख्य आरोपी सुनीता, उसकी बेटी सरिता और नाबालिग बेटे को अपनी कस्टडी में ले लिया है.

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