चूरू : राजस्थान के चूरू जिले से खाकी की संवेदनहीनता और अमानवीय चेहरे की एक विचलित करने वाली तस्वीर सामने आई है. यहाँ नेशनल हाईवे-11 पर रविवार की सुबह ड्यूटी पर तैनात एक परिवहन निरीक्षक ने मर्यादा की सारी सीमाएं पार कर दीं. महज लाइसेंस को लेकर हुई मामूली बहस के बाद अधिकारी ने एक निर्दोष युवक को लहूलुहान कर दिया. सोशल मीडिया पर इस हिंसक घटना का वीडियो वायरल होते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की गई.
आपको बता दें कि यह दर्दनाक वाकया रतनगढ़ के पास नेशनल हाईवे-11 पर एक पेट्रोल पंप के निकट हुआ. प्रयागराज का रहने वाला 24 वर्षीय एहसान अहमद अपना ट्रक लेकर उत्तर प्रदेश के भदोही की ओर जा रहा था. तभी सुजानगढ़ डीटीओ कार्यालय में तैनात परिवहन निरीक्षक सुरेश विश्नोई ने चेकिंग के लिए उसे बीच रास्ते में रोका. देखते ही देखते कागजात दिखाने की बात पर विवाद बढ़ गया. अधिकारी ने आपा खो दिया और ड्राइवर का मोबाइल छीन लिया. विरोध करने पर उसने ड्राइवर पर अपने सिर से हमला कर दिया.
निरीक्षक का हमला इतना शक्तिशाली था कि एहसान की आंख के ठीक बगल में एक गहरा कट लग गया. घाव होते ही मौके पर खून की धार बहने लगी और ड्राइवर दर्द से तड़पने लगा. खून से सने चेहरे के साथ एहसान ने जब रहम की गुहार लगाई. तो संवेदनहीन अधिकारी ने रुकने के बजाय उसके साथ गाली-गलौज और बदसलूकी जारी रखी. बीच सड़क पर हुई इस सरकारी बर्बरता को देखकर वहां से गुजर रहे लोग ठिठक गए और देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई.
मौके पर मौजूद चश्मदीदों का गुस्सा उस वक्त फूट पड़ा जब उन्होंने सरकारी अधिकारी को इस तरह हिंसक होते देखा. लोगों ने तुरंत हस्तक्षेप किया और घायल ड्राइवर को संभाला. जब निरीक्षक ने स्थिति बिगड़ते देख ड्राइवर को अपनी गाड़ी में डालकर अस्पताल ले जाने की कोशिश की. तो भीड़ ने उन्हें जमकर फटकार लगाई. लोगों ने साफ़ कहा कि उनका यह अमानवीय व्यवहार क्षेत्र में रोज की बात हो गई है. स्थानीय लोगों के कड़े विरोध के बाद आरोपी निरीक्षक को वहां से भागना पड़ा.
वीडियो सोशल मीडिया पर फैलते ही परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विभाग के आयुक्त पुरुषोत्तम शर्मा ने इसका कड़ा संज्ञान लिया. वीडियो साक्ष्यों में स्पष्ट दिख रही हिंसा के आधार पर मोटर वाहन निरीक्षक सुरेश विश्नोई को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है. निलंबन की अवधि के दौरान उनका कार्यस्थल जयपुर मुख्यालय तय किया गया है. विभाग ने स्पष्ट किया है कि वर्दी पहनकर किसी भी नागरिक के साथ इस तरह का हिंसक व्यवहार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
पीड़ित ड्राइवर एहसान अहमद की शिकायत के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है. पुलिस ने घटनास्थल से मिले वीडियो फुटेज को सबसे अहम सबूत के तौर पर अपने कब्जे में लिया है. घायल ड्राइवर का प्राथमिक उपचार कराया गया है और वह अब खतरे से बाहर है. यह मामला एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करता है कि क्या वर्दी का मकसद जनता को सुरक्षा देना है या फिर बेकसूर नागरिकों पर अपनी शक्ति का खौफ कायम करना है. First Updated : Monday, 02 March 2026