‘भारत के लिए ऐसी भाषा की कोई जरूरत नहीं’, ट्रंप के सहयोगी पर शशि थरूर का पलटवार
Shashi Tharoor: कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने ट्रंप के सहयोगी पीटर नवारो की भारत पर विवादित टिप्पणियों को 'अनुचित और अपमानजनक' बताते हुए कड़ी आलोचना की.

Shashi Tharoor: कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी सहयोगी पीटर नवारो के बयानों पर कड़ा रुख अपनाया है. नवारो ने हाल ही में भारत को लेकर कई विवादित टिप्पणियां की थीं, जिन्हें शशि थरूर ने भारत-अमेरिका संबंधों के लिए 'अनुचित और अपमानजनक' बताया.
शशि थरूर ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच पिछले 3 दशकों से संबंध लगातार बेहतर हो रहे हैं और ऐसे समय में इस तरह की भाषा का इस्तेमाल किसी भी तरह से स्वीकार्य नहीं है. उन्होंने ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ और नवारो की आपत्तिजनक टिप्पणियों पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इससे भारत में व्यापक स्तर पर नाराजगी फैली है.
पीटर नवारो के विवादित बयान
व्हाइट हाउस के वरिष्ठ सलाहकार (ट्रेड एंड मैन्युफैक्चरिंग) रहे पीटर नवारो ने भारत को 'maharaja of tariffs' (टैरिफ का महाराजा), 'laundromat of Russia' (रूस का लॉन्ड्रोमैट) और यूक्रेन संघर्ष को 'Modi’s war' कहा. यही नहीं, उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 'ब्राह्मण भारतीय लोगों की कीमत पर मुनाफा कमा रहे हैं.'
शशि थरूर की तीखी प्रतिक्रिया
शशि थरूर ने कहा कि अनुचित टैरिफ लगाने से निश्चित रूप से भारत में बेहद तीखी प्रतिक्रिया हुई है और इसके साथ ही ट्रंप के बयानों व ट्वीट्स में आई अपमानजनक भाषा ने स्थिति को और खराब किया है. इसके बाद उनके सलाहकार (पीटर नवारो) के बेहद आपत्तिजनक बयानों ने पूरे देश में आक्रोश पैदा कर दिया है. अगर 30 साल पुराने रिश्तों में कोई खास समस्या नहीं है और दोनों देश लगातार नजदीक आ रहे हैं, तो भारत के बारे में इस तरह की भाषा का इस्तेमाल क्यों किया गया? यह बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है.
टैरिफ पर शशि थरूर का तंज
शशि थरूर ने कहा कि ट्रंप टैरिफ को 'जादुई औजार' मानते हैं, जिनसे वो कई समस्याओं का समाधान कर सकते हैं, फिर चाहे वह अमेरिकी घाटा कम करना हो या अपनी राजनीतिक एजेंडा को आगे बढ़ाना. ट्रंप का मानना है कि आयातित वस्तुओं पर भारी शुल्क लगाकर वे उन्हें महंगा कर देंगे, जिससे अमेरिकी निर्माता घरेलू स्तर पर उत्पादन शुरू करेंगे और अमेरिकी मजदूरों को रोजगार देंगे. यही उनका वोटबैंक है, जिसे ‘MEGA constituency’ कहा जाता है.
डोनाल्ड ट्रंप ने अगस्त 2025 में भारतीय निर्यात पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया था. इसके बाद उन्होंने रूस से भारत की तेल खरीद को लेकर अतिरिक्त 25 प्रतिशत शुल्क और लगाने का ऐलान कर दिया.


