SpiceJet flight: श्रीनगर से दिल्ली जा रही स्पाइसजेट की उड़ान संख्या SG 385 की शुक्रवार को श्रीनगर हवाई अड्डे पर इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी. रिपोर्ट के अनुसार, विमान में टेक्निकल फॉल्ट आ गया, जिसकी वजह से विमान को तुरंत उतारने का फैसला किया गया. विमान में कुल 205 लोग सवार थे, जिसमें चार बच्चे और सात चालक दल के सदस्य शामिल थे. विमान में दबाव संबंधित समस्या उत्पन्न होने पर पायलट ने तुरंत प्राथमिकता लैंडिंग का अनुरोध किया और दोपहर 3:27 बजे श्रीनगर एयरपोर्ट पर विमान की सुरक्षित लैंडिंग कराई गई.
अधिकारियों ने बताया कि विमान की लैंडिंग पूरी तरह सुरक्षित रही और किसी यात्री या चालक दल के सदस्य को कोई चोट नहीं आई. उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी को भी चिकित्सा सहायता की आवश्यकता नहीं पड़ी. विमान के उतरने के बाद उसका तकनीकी निरीक्षण किया गया, ताकि भविष्य में इस प्रकार की समस्या दोबारा न हो.
फ्लाइट के दौरान दबाव से संबंधित तकनीकी खराबी सामने आने के बाद पायलट ने SOP (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) के तहत निर्णय लेते हुए आपात लैंडिंग की. DGCA और स्पाइसजेट की तकनीकी टीम ने जांच शुरू कर दी है कि तकनीकी समस्या किस वजह से उत्पन्न हुई. जांच पूरी होने तक विमान को उड़ान से रोका गया है.
इसी सप्ताह स्पाइसजेट ने एक अलग मामले में एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी पर बड़ा कदम उठाते हुए पांच साल का उड़ान प्रतिबंध लगा दिया. यह फैसला जुलाई में श्रीनगर हवाई अड्डे पर एयरलाइन के चार कर्मचारियों के साथ कथित मारपीट की घटना के बाद लिया गया. पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारी पर आरोप है कि उन्होंने 26 जुलाई को फ्लाइट बोर्डिंग से पहले कर्मचारियों से बदसलूकी की, जिसके चलते एक कर्मचारी की रीढ़ की हड्डी को गंभीर चोट आई.
स्पाइसजेट ने उस अधिकारी को पांच साल के लिए ‘नो-फ्लाई लिस्ट’ में डाल दिया है. इसका मतलब है कि वह इस अवधि में स्पाइसजेट की किसी भी घरेलू, अंतरराष्ट्रीय या चार्टर्ड फ्लाइट में यात्रा नहीं कर सकेंगे. इसके साथ ही, स्थानीय पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115 के तहत उनके खिलाफ मामला दर्ज किया है. स्पाइसजेट के अनुसार, घटना तब हुई जब अधिकारी से अतिरिक्त केबिन बैग का शुल्क मांगा गया.
हालांकि स्पाइसजेट ने इस मामले पर कोई सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की है, लेकिन उन्होंने पुष्टि की है कि घटना के तुरंत बाद पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी. एयरलाइन ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय के नियमों के अनुरूप कार्रवाई की है और यात्री को प्रतिबंधित कर दिया गया है.
First Updated : Friday, 29 August 2025