National news: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) सूत्रों ने खुलासा किया है कि आज महागठबंधन तेजस्वी यादव के नाम पर मुहर लगाएगा। लंबे समय से चल रही खींचतान और बातचीत के बाद सभी दल इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि बिहार विधानसभा चुनाव में सीएम का चेहरा तेजस्वी यादव ही होंगे। इसके साथ ही ‘चलो बिहार.. बदलें बिहार’ नारे के साथ अभियान की शुरुआत की जाएगी। इस घोषणा से महागठबंधन के भीतर की असमंजस की स्थिति भी खत्म हो जाएगी। जनता अब साफ देख पाएगी कि विपक्ष किसके नेतृत्व में लड़ाई लड़ेगा।
पटना के होटल मौर्य में प्रेस कॉन्फ्रेंस की तैयारी जोरों पर है। हालांकि, इसके समय को लेकर अभी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। माना जा रहा है कि इसी मंच से तेजस्वी के नाम की आधिकारिक घोषणा होगी। सीट बंटवारे पर चल रही अंदरूनी खींचतान की तस्वीर भी साफ होगी। यह कार्यक्रम बिहार की राजनीति का रुख बदल सकता है।
कांग्रेस पार्टी भी तेजस्वी यादव के नाम का समर्थन करने के लिए तैयार बताई जा रही है। सूत्रों का कहना है कि बीते बुधवार को हुई बैठकों में बड़े मतभेद कम हो गए हैं। अब ज्यादातर दल इस सहमति पर पहुंच चुके हैं कि महागठबंधन को एकजुट रहकर ही चुनाव मैदान में उतरना चाहिए। कांग्रेस का समर्थन तेजस्वी की ताकत को और बढ़ा देगा। इससे जनता में संदेश जाएगा कि विपक्ष एकजुट है।
महागठबंधन के भीतर सीटों को लेकर जो तकरार थी, वह अब धीरे-धीरे सुलझती दिख रही है। बड़े दलों ने अपने हिस्से को लेकर समझौता करना शुरू कर दिया है। अब विवाद सिर्फ कुछ सीटों तक सिमट कर रह गया है। यह भी तय है कि चुनाव से पहले यह मुद्दा निपटा लिया जाएगा। सीट बंटवारे का स्पष्ट खाका प्रेस कॉन्फ्रेंस में सामने आ सकता है।
मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित होने के बाद तेजस्वी यादव की जिम्मेदारियां कई गुना बढ़ जाएंगी। अब उन्हें न सिर्फ अपने दल बल्कि पूरे महागठबंधन को साथ लेकर चलना होगा। चुनाव प्रचार की कमान पूरी तरह उन्हीं के हाथ में होगी। जनता को विश्वास दिलाना उनका सबसे बड़ा लक्ष्य होगा। विपक्षी एकजुटता को मजबूत करना भी उनकी बड़ी चुनौती होगी।
‘चलो बिहार.. बदलें बिहार’ के नारे के साथ महागठबंधन जनता के बीच जाएगा। इस नारे में बदलाव और विकास का संदेश छिपा हुआ है। खासकर युवा वर्ग को लुभाने के लिए यह रणनीति बनाई गई है। रोजगार और शिक्षा जैसे मुद्दों पर फोकस किया जाएगा। यह नारा महागठबंधन की पहचान बन सकता है।
तेजस्वी यादव के नाम पर सहमति बनने के साथ ही बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। एनडीए खेमे की नजरें भी अब विपक्षी रणनीति पर टिक गई हैं। सियासी समीकरण बदलने की संभावना है। जनता की नजरें महागठबंधन की आगे की रणनीति पर टिकी हैं। आने वाले दिनों में चुनावी माहौल और गर्म होगा। First Updated : Thursday, 23 October 2025