पायलटों को 9,300 घंटों का अनुभव... फिर भी विमान ने टेकऑफ के चंद मिनटों में खोया नियंत्रण, ऐसा क्या हुआ

गुजरात में बड़ा विमान हादसा: टेकऑफ के 5 मिनट के भीतर क्रैश हुआ एयर इंडिया का ड्रीमलाइनर, पायलट ने दी थी MAYDAY कॉल

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गुजरात के अहमदाबाद में बड़ा हादसा हुआ, जब एयर इंडिया का बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर लंदन के गैटविक एयरपोर्ट के लिए रवाना होते ही दुर्घटनाग्रस्त हो गया. दोपहर 1:39 बजे सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरने के महज 5 मिनट बाद विमान एक रिहायशी इलाके में जा गिरा. जमीन पर गिरते ही विमान आग का गोला बन गया. 

डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने इस हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि विमान की कमान कैप्टन सुमीत सभरवाल और फर्स्ट ऑफिसर क्लाइव कुंदर के हाथ में थी. दोनों के पास कुल 9,300 घंटों की संयुक्त उड़ान अनुभव था, लेकिन इतनी दक्षता के बावजूद, विमान को बचाया नहीं जा सका.

टेकऑफ के तुरंत बाद विमान ने खोया नियंत्रण

DGCA के अनुसार, विमान ने दोपहर 1:39 बजे रनवे 23 से उड़ान भरी थी. लेकिन टेकऑफ के चंद पलों में ही विमान ने अपना संतुलन खो दिया और महज 625 फीट की ऊंचाई से 475 फीट प्रति मिनट की रफ्तार से नीचे गिरने लगा. ये पूरी प्रक्रिया इतनी तेजी से हुई कि पायलट्स के पास प्रतिक्रिया देने का समय बेहद सीमित था. विमान अंततः हवाई अड्डे की सीमा से बाहर एक रिहायशी इमारत से टकराकर क्रैश हो गया.

MAYDAY कॉल के बाद सन्नाटा

एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को विमान की ओर से MAYDAY कॉल आई- जो कि किसी भी आपात स्थिति में सबसे गंभीर चेतावनी संकेत होता है. हालांकि, इस कॉल के तुरंत बाद ATC की कई कोशिशों के बावजूद विमान की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली.

DGCA ने अपने बयान में कहा कि एटीसी के अनुसार, विमान ने दोपहर 1:39 बजे रनवे 23 से उड़ान भरी. टेकऑफ के तुरंत बाद MAYDAY कॉल दी गई, लेकिन इसके बाद विमान ने कोई जवाब नहीं दिया. कुछ ही देर में विमान हवाई अड्डे की सीमा के बाहर जमीन पर गिर पड़ा. घटनास्थल से भारी मात्रा में काले धुएं का गुबार देखा गया.

पायलट और को-पायलट का उड़ान अनुभव

हादसे के समय कॉकपिट में कैप्टन सुमीत सभरवाल और फर्स्ट ऑफिसर क्लाइव कुंदर मौजूद थे. DGCA ने बताया कि:- कैप्टन सुमीत सभरवाल के पास 8,200 घंटे की उड़ान का अनुभव था. फर्स्ट ऑफिसर क्लाइव कुंदर के पास 1,100 घंटे का उड़ान अनुभव था. इन दोनों का संयुक्त अनुभव 9,300 घंटे का था, जिससे ये स्पष्ट है कि कॉकपिट में अनुभव की कोई कमी नहीं थी.

यात्रियों की जानकारी और हेल्पलाइन नंबर

एयर इंडिया ने दुर्घटना में सवार यात्रियों और उनके परिवारों के लिए एक समर्पित हेल्पलाइन नंबर 1800 5691 444 जारी किया है. इस नंबर पर कॉल करके लोग अपने प्रियजनों की स्थिति की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं. विमान में कुल 242 लोग सवार थे, जिनमें 232 यात्री और 10 क्रू सदस्य शामिल थे. First Updated : Thursday, 12 June 2025