नई दिल्लीः दिल्ली-एनसीआर में हालिया बारिश और तेज हवाओं के चलते वायु गुणवत्ता में कुछ हद तक सुधार दर्ज किया गया है. इसी सुधार को देखते हुए शुक्रवार को प्रशासन ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के तहत लागू किए गए तीसरे चरण (GRAP-III) के प्रतिबंधों को हटा लिया. हालांकि, पहले और दूसरे चरण यानी GRAP-I और GRAP-II के तहत लागू पाबंदियां फिलहाल जारी रहेंगी.
बीते कुछ दिनों में दिल्ली और आसपास के इलाकों में हल्की बारिश के साथ तेज हवाएं चलीं. इससे हवा में जमे प्रदूषक कणों को छितराने में मदद मिली और वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) में गिरावट दर्ज की गई. गुरुवार सुबह कई इलाकों में बारिश हुई, जिसके बाद दिनभर तेज हवाएं चलती रहीं. इसका असर यह रहा कि प्रदूषण स्तर “बहुत खराब” से घटकर “खराब” श्रेणी में आ गया.
गौरतलब है कि दिसंबर महीने में भी वायु गुणवत्ता में सुधार के चलते GRAP-III को अस्थायी रूप से हटाया गया था. ये प्रतिबंध पहली बार नवंबर में लागू किए गए थे, जब सर्दियों की शुरुआत के साथ प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच गया था. हाल ही में, सबसे कड़े GRAP-IV प्रतिबंध भी हटा लिए गए थे, लेकिन तब GRAP-III जारी रखा गया था. अब एक बार फिर मौसम की मदद से GRAP-III में राहत दी गई है.
GRAP-III के दौरान गैर-जरूरी निर्माण और तोड़फोड़ गतिविधियों पर रोक थी. इसमें मिट्टी का काम, मलबा जमा करना, खुली खुदाई, वेल्डिंग, पेंटिंग, प्लास्टरिंग और टाइल या फर्श से जुड़े कार्य शामिल थे. इसके अलावा रेडी-मिक्स कंक्रीट (RMC) प्लांट, पत्थर तोड़ने वाली मशीनें, ईंट भट्टे और खनन गतिविधियां भी बंद थीं.
वाहनों के स्तर पर, बीएस-III पेट्रोल और बीएस-IV डीजल चारपहिया वाहन, गैर-जरूरी डीजल मालवाहक वाहन और मानक पूरे न करने वाली अंतरराज्यीय डीजल बसों के प्रवेश पर रोक लगाई गई थी.
शुक्रवार शाम 5:30 बजे दिल्ली का AQI 230 दर्ज किया गया, जो खराब श्रेणी में आता है. हालांकि यह स्तर नए साल के दिन दर्ज 380 (बहुत खराब) AQI की तुलना में बेहतर है, लेकिन अभी भी पूरी तरह संतोषजनक नहीं कहा जा सकता. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मौसम फिर बदला और हवाएं धीमी पड़ीं, तो प्रदूषण स्तर दोबारा बढ़ सकता है.
GRAP-I मुख्य रूप से धूल नियंत्रण और औद्योगिक उत्सर्जन को कम करने पर केंद्रित है. इसके तहत निर्माण स्थलों पर धूल दमन, सड़कों की सफाई और औद्योगिक इकाइयों की निगरानी जैसे कदम उठाए जाते हैं.
GRAP-II में इन उपायों को और सख्त किया जाता है. इसमें कोयला और लकड़ी के उपयोग पर प्रतिबंध, डीजल जनरेटर सेट के इस्तेमाल पर कड़ी पाबंदी, सड़कों पर पानी का नियमित छिड़काव और ट्रैफिक जाम कम करने के प्रयास शामिल हैं.
First Updated : Friday, 02 January 2026