नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है. बता दें, इस घटना के बाद से ही लगातार टीएमसी और भाजपा एक-दूसरे पर आरोप लगा रही हैं. वहीं इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पांच लोगों को गिरफ्तार किया है. क्या है पूरा मामला चलिए जानते है.
बता दें, यह घटना शनिवार को दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में हुई, जब डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी चुनाव बाद हिंसा में मारे गए एक टीएमसी कार्यकर्ता के परिवार से मिलने जा रहे थे. आरोप है कि रास्ते में मौजूद भीड़ ने उनके काफिले पर पत्थर और अंडे फेंकने शुरू कर दिए. इतना ही नहीं, इस दौरान कुछ लोगों ने उनके साथ धक्का-मुक्की भी की और उनके खिलाफ नारेबाजी भी की गई.
टीएमसी का कहना है कि यह हमला भाजपा समर्थकों द्वारा सुनियोजित तरीके से किया गया था. इस दौरान पार्टी ने कुछ तस्वीरें जारी करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा के स्थानीय नेता घटनास्थल पर मौजूद थे और भीड़ को उकसा रहे थे. टीएमसी ने यह भी कहा कि हमले में शामिल कुछ लोगों के भाजपा से संबंध हैं.
वहीं भाजपा ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है. भाजपा के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने दावा किया कि गिरफ्तार किए गए कुछ लोग पहले टीएमसी नेताओं के करीबी रह चुके हैं. भाजपा का कहना है कि यह मामला टीएमसी के अंदरूनी विवाद और गुटबाजी से जुड़ा हो सकता है, न कि भाजपा से.
पुलिस के अनुसार, इलाके के सीसीटीवी और वीडियो फुटेज की जांच के बाद रातभर छापेमारी कर पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इसके साथ ही मामले में संज्ञान लेते हुए एफआईआर दर्ज की गई है, क्योंकि घटना के बाद किसी भी पक्ष की ओर से औपचारिक शिकायत नहीं दी गई थी.
बता दें, हमले के बाद अभिषेक बनर्जी को इलाज के लिए कोलकाता के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई. इस दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अस्पताल पहुंचकर उनका हालचाल जाना और इस घटना के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हमले के पीछे असली वजह क्या थी. First Updated : Sunday, 31 May 2026