ममता के लिए अब दिल्ली भी हुई दूर! भूपेंद्र यादव के घर पहुंचे TMC 14 बागी सांसद

पश्चिम बंगाल के बाद टीएमसी पार्टी की राजनीति का केंद्र अब दिल्ली शिफ्ट हो गया है। विरोध और अंदरुनी कलह का असर यह हुआ है कि टीएमसी के 14 बागी सांसदों ने दिल्ली में सीएम शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात की है और यह मुलाकात बीजेपी नेता भूपेंद्र यादव के घर पर हुई है। इस मुलाकात के बाद अब टूट को लेकर अटकलें का बाजार गर्म हो गया है। आप इंडिया ब्लॉक की भी मीटिंग दिल्ली में हो रही है। मीटिंग में ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी में शामिल हुए।

JBT Desk
Edited By: JBT Desk

नई दिल्ली : देश की राजनीति में इस समय टीएमसी की रेटिंग सबसे हाई है। बंगाल चुनाव में करारी हार के बाद अब पार्टी के अंदर भी ममता बनर्जी हारती हुई नजर आ रही हैं। अंतरविरोध और अंतरकलह का सिलसिला इस पार्टी के अंदर ऐसा चला है कि पार्टी अब टूट के कगार पर आ गई है। एक तरफ जहां विधायकों ने बागी रुख अपना लिया है तो वहीं पार्टी के सांसदों ने बीजेपी नेता से मुलाकात कर अटकलों का बाजार गरमा दिया है। पार्टी के 14 सांसद पश्चिम बंगाल के सीएम शुभेंदु अधिकारी के साथ बीजेपी नेता भूपेंद्र यादव के घर पर मीटिंग कर रहे हैं। इस मीटिंग में बीजेपी नेता और पूर्व सीएम त्रिपुरा बिप्लव देब भी मौजूद हैं। सूत्रों का दावा है कि टीएमसी के 5 बागी सांसद सोमवार सुबह से केंद्री मंत्री भूपेंद्र यादव के घर पर मौजूद थे, दोपहर 1 बजे के बाद बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी भी उनके घर गए। इसी बीच सूत्रों ने दावा किया कि टीएमसी के 14 सांसदों ने शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात की। दोपहर 2 बजे के बाद शुभेंदु अधिकारी भूपेंद्रयादव के घर से निकले। इधर इस घटनाक्रम से पहले टीएमसी से इस्तीफा देने वाले सुखेंदु शेखर से मिलने के लिए पार्टी के 5 सांसद पहुंचे। ये मुलाकात दिल्ली में हुई। सुखेंदु शेखर से मिलने आए सांसदों में बर्दमान पूर्व से सांसद शर्मिला सरकार, हावड़ा के सांसद प्रसून बनर्जी, कूचबिहार सांसद जगदीश बसुनिया, झारग्राम सांसद कालिपद सोरेन और बांकुरा सांसद अरुप चक्रवर्ती शामिल थे। 

सुखेंदु से मिले आए टीएमसी के पांच सांसद 

आपको बता दें कि राज्य सभा सांसद सुखेंदु शेखर आज ही राज्य सभा और पार्टी से इस्तीफा दिया है। इसी बीच उनसे टीएमसी के पांच सांसद मिलने पहुंचे थे। इससे टीएमसी की राजनीति को लेकर कई अटकलें लगाई जा रही हैं। टीएमसी सांसदों में पहले ही विभाजन हो चुका है। टीएमसी के विधायकों पर ममता बनर्जी की पकड़ ढीली पड़ने के बाद अब पार्टी के संसदीय खेमे को भी एक और झटका लगा है। 

आज सुखेंदु बोले, कल दूसरे भी बोलेंगे-ऋतब्रत

राज्य सभा में एक दशक से ज्यादा समय तक पार्टी का प्रतिनिधित्व करने वाले सबसे पुराने सदस्य सुखेंदु शेखर रॉय ने सांसद और पार्टी, दोनों ही पद से इस्तीफा दे दिया है और पार्टी के पांच सांसदों से मुलाकात की है। वहीं बंगाल में ममता के खिलाफ बगावत करने वाले बागी विधायक और नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत बनर्जी ने कहा है कि उन्होंने कई विधायकों से मुलाकात की है। नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत बनर्जी ने सुखेंदु के इस्तीफे और टीएमसी के राजनीतिक घटनाक्रम पर कहा कि, "यह सिर्फ़ सुखेंदु की बात नहीं है. असल में मैंने उनसे व्यक्तिगत रूप से बात नहीं की है. लेकिन उन्होंने जो कुछ भी कहा, मैं उससे ज़्यादातर सहमत हूं, खासकर संसद के उच्च सदन के कामकाज को लेकर. उनकी बातें बिल्कुल सही थीं. संसद कोई क्विज़ शो की जगह नहीं है. सुखेंदु जो बता रहे हैं, उसका अनुभव मैंने खुद किया है. उनके जैसे कद के सांसद को पिछली कतार में धकेल... दिया जाना निराशाजनक था, आज सुखेंदु आवाज़ उठा रहे हैं; कल दूसरे भी ऐसा ही करेंगे." 

दिल्ली में सोनिया से मिलीं ममता बनर्जी 

इधर दिल्ली में टीएमसी के बागी विधायक बीजेपी नेता से मिल रहे हैं तो वहीं दिल्ली में ही इंडिया ब्लॉक गठबंधन की बैठक में ममता ने सोनिया गांधी से गले मिलकर मुलाकात की। आपको बता दें कि लोकसभा में टीएमसी के 28 सांसद हैं पार्टी में किसी भी तरह के संवैधानिक विभाजन के लिए कम से कम 19 सांसदों का एक गुट में आना जरुरी है अन्यथा इस विभाजन को मान्यता नहीं मिलेगी। पार्टी के सांसद इस्तीफा जरूर दे सकते हैं। 

 
 

Topics

ताजा खबरें

ट्रेंडिंग वीडियो