टीएमसी में दौर-ए-बगावत जारी, राज्यसभा सांसद का इस्तीफा

टीएमसी के राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बड़ाइक के इस्तीफे के साथ राज्यसभा में पार्टी की ताकत घटकर 10 सांसद रह जाएगी। दावा तो यहां तक किया जा रहा है कि आने वाले कुछ दिनों में टीएमसी के तीन और राज्यसभा सांसद इस्तीफा दे सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो फिर ममता और उनकी पार्टी का संकट और गहरा सकता है।

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कोलकाता : पश्चिम बंगाल में नई सरकार बनते हीं पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी पार्टी टीएमसी पर संकट के बादल गहराते जा रहे हैं। पार्टी से एक के बाद एक सांसद और विधायकों का बागी होकर पार्टी को छोड़ना ममता बनर्जी के किसी सदमे से कम नहीं है। ममता को एक और जोर का झटका लगा है, टीएमसी राज्य सभा सांसद प्रकाश चिक बड़ाइक ने उच्च सदन से इस्तीफा दे दिया है। सुखेंदु शेखर रॉय और सुष्मिता देव के इस्तीफे के बाद उनके जाने से, हाल के दिनों में इस्तीफा देने वाले TMC राज्यसभा सांसदों की संख्या तीन हो गई है। प्रकाश चिक बारिक के इस्तीफे के साथ, राज्यसभा में पार्टी की संख्या घटकर 10 सांसद रह जाएगी। सूत्रों इस बात का लगातार संकेत दे रहे हैं कि अगले हफ्ते के अंदर TMC के तीन और राज्यसभा सांसद इस्तीफा दे सकते हैं, जिससे ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी के लिए संकट और गहरा सकता है।

प्रकाश चिक बड़ाइक ने इस्तीफे में क्या लिखा

राज्यसभा के चेयरमैन सीपी राधाकृष्णन को लिखे अपने इस्तीफे के पत्र में प्रकाश चिक बड़ाइक ने कहा कि वह तत्काल प्रभाव से सदन की सदस्यता छोड़ रहे हैं। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान मिले सहयोग के लिए चेयरमैन और सचिवालय का आभार भी व्यक्त किया। पत्र में आगे कहा गया है कि मैं महामहिम, माननीय उप-चेयरमैन और राज्यसभा सचिवालय के सभी अधिकारियों का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं, जिन्होंने राज्यसभा सदस्य के रूप में मेरे कार्यकाल के दौरान हर तरह की मदद और सहयोग दिया।

कौन हैं प्रकाश चिक बड़ाइक

प्रकाश चिक बड़ाइक पश्चिम बंगाल की अलीपुरद्वार (ST) सीट से AITC उम्मीदवार के तौर पर 2024 का लोकसभा चुनाव लड़े थे। प्रकाश चिक बारिक ग्रेजुएट हैं। उनके करियर की शुरुआत चाय बागान कर्मचारी और मौसमी फसलों का री-सेलर के तौर पर हुई थी। चुनावी हलफनामे के अनुसार, प्रकाश चिक बड़ाइक के पास कुल ₹24.5 लाख की संपत्ति है और उन पर ₹0 की देनदारी है। प्रकाश चिक बड़ाइक ने अपनी सालाना आय ₹8.9 लाख बताई है। उनके खिलाफ 1 आपराधिक मामला लंबित है।

टीएमसी में बगावत ही बगावत 

पिछले हफ्ते हुई बगावत ने TMC को बड़ा झटका दिया, जब उसके 80 में से 58 विधायकों ने आधिकारिक विधायक दल से अलग होकर पश्चिम बंगाल विधानसभा में मुख्य विपक्षी समूह के तौर पर मान्यता हासिल कर ली। इसकी अगुवाई पार्टी से निकाले गए विधायक ऋतब्रत बनर्जी ने की। बागी गुट ने तब से दावा किया है कि और भी विधायक उनके साथ जुड़ गए हैं।

टीएमसी में सब कुछ ठीक नहीं

टीएमसी में सबकुछ ठीक नही हैं विधायकों के इस्तीफे के बाद अब यह उथल-पुथल संसद तक पहुंच गई है।  काकोली घोष दस्तीदार की अगुवाई वाले बागी सांसदों के समूह ने 20 से ज़्यादा लोकसभा सदस्यों के समर्थन का दावा किया। बुधवार को जाधवपुर की सांसद सायोनी घोष और कोलकाता दक्षिण की सांसद माला रॉय भी बागी गुट में शामिल हो गईं। घोष दस्तीदार और रॉय के अलावा, इस गुट में अबू ताहिर, असित मल, अरूप चक्रवर्ती, कालीपदा सोरेन, जगदीश बसुनिया, प्रसून बनर्जी, शर्मिला सरकार, शताब्दी रॉय, यूसुफ़ पठान, जून मालिया, खलीकुर रहमान, बापी हल्दर, रचना बनर्जी, मिताली बाग, देव अधिकारी और पार्थ भौमिक के शामिल होने की बात कही जा रही है। हालाँकि ऐसी खबरें थीं कि शत्रुघ्न सिन्हा भी बागियों में शामिल हैं, लेकिन TMC नेताओं का कहना है कि अभिनेता-राजनेता ममता बनर्जी का समर्थन जारी रखे हुए हैं। First Updated : Thursday, 11 June 2026

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