नई दिल्ली: देश इन दिनों भीषण गर्मी और लू की मार झेल रहा है. मैदानी इलाकों से लेकर पहाड़ी क्षेत्रों तक लोग तेज धूप और उमस से परेशान हैं. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, अगले तीन-चार दिनों तक मध्य और उत्तर-पश्चिम भारत में लू का प्रकोप जारी रहने वाला है.
अच्छी खबर यह है कि 28 मई से मौसम में बदलाव आने वाला है. एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है, जिसके कारण 28 और 29 मई को पंजाब, हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में आंधी, बारिश और कहीं-कहीं ओले गिरने की संभावना है.
इस बदलाव से 29 मई के बाद तापमान में 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है. पहाड़ी क्षेत्रों में भी बर्फबारी होने से गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है.
राजधानी दिल्ली में अभी लू चल रही है, लेकिन 28 मई से मौसम करवट लेगा. हल्की बारिश और गरज के साथ तूफान आ सकते हैं, जिससे अधिकतम तापमान में अच्छी गिरावट दर्ज होगी. न्यूनतम तापमान भी 3-4 डिग्री कम हो सकता है.
सुपर अल नीनो प्रशांत महासागर में होने वाली एक विशेष मौसम घटना है. जब महासागर का पानी सामान्य से 2 डिग्री या उससे ज्यादा गर्म हो जाता है, तो इसे सुपर अल नीनो कहा जाता है. यह पूरी दुनिया के मौसम को प्रभावित करता है.
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, सुपर अल नीनो के कारण भारत में मॉनसून की बारिश सामान्य से कम हो सकती है. खासकर उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में सूखे की स्थिति बनने का खतरा बढ़ जाता है. IMD के पूर्वानुमान में 2026 में अल नीनो के प्रभाव से औसत बारिश (870 मिमी) घटने की आशंका जताई गई है.
सुपर अल नीनो की वजह से कुछ देशों में सूखा पड़ता है तो कुछ में भारी बाढ़ आती है. भारत में इससे कृषि, पानी की उपलब्धता और खाद्य कीमतों पर असर पड़ सकता है. फिलहाल 28 मई से छोटी राहत जरूर मिलने वाली है, लेकिन लंबे समय के लिए किसान और आम लोग मॉनसून पर नजर रखे हुए हैं. First Updated : Wednesday, 27 May 2026