नई दिल्ली : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आज शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर लंबी बातचीत की. इस बातचीत के बाद ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक लंबा पोस्ट लिखकर कई बड़े फैसलों की जानकारी दी. मुख्य रूप से दोनों नेताओं ने व्यापार, टैरिफ और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की. ट्रंप ने कहा कि मोदी उनके सबसे अच्छे दोस्तों में से एक हैं और एक मजबूत नेता हैं. अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट कर इसकी पुष्टि की है.
टैरिफ में कटौती का ऐलान
आपको बता दें कि ट्रंप ने घोषणा की कि अमेरिका अब भारत पर लगने वाले पारस्परिक टैरिफ को तुरंत प्रभाव से 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर देगा. यह फैसला प्रधानमंत्री मोदी के अनुरोध पर और दोनों देशों के बीच दोस्ती के कारण लिया गया है. ट्रंप ने लिखा कि यह कदम दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते की शुरुआत है. भारत की तरफ से भी अमेरिकी सामानों पर लगने वाले टैरिफ और अन्य बाधाओं को कम करने या खत्म करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे. इससे दोनों देशों के बीच व्यापार आसान और तेज होगा.
रूस-यूक्रेन युद्ध पर चर्चा और तेल खरीद पर भी हुई बातचीत
बातचीत में रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करने का मुद्दा भी उठा. ट्रंप ने कहा कि मोदी ने रूसी तेल की खरीदारी कम करने या बंद करने पर सहमति जताई है. इसके बदले भारत अमेरिका से बहुत ज्यादा मात्रा में तेल खरीदेगा. साथ ही वेनेजुएला से भी तेल लेने की संभावना पर विचार किया जाएगा. ट्रंप का मानना है कि रूस को कमजोर करने से यूक्रेन में युद्ध जल्दी खत्म हो सकता है, जहां हर हफ्ते हजारों लोग मारे जा रहे हैं. यह कदम वैश्विक शांति के लिए महत्वपूर्ण बताया गया.
भारत की 'बाय अमेरिकन' नीति पर सहमति
प्रधानमंत्री मोदी ने 'बाय अमेरिकन' नीति को बहुत मजबूती से अपनाने का वादा किया है. इसके तहत भारत अमेरिका से 500 अरब डॉलर से ज्यादा की ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, कृषि, कोयला और अन्य सामानों की खरीद करेगा. ट्रंप ने इसे दोनों देशों के लिए फायदेमंद बताया. उन्होंने कहा कि मोदी और वे दोनों ऐसे नेता हैं जो बातें करने की बजाय काम करते हैं. इस वजह से भारत-अमेरिका का रिश्ता और भी मजबूत होगा.
दोनों देशों के रिश्तों में नई उम्मीद
ट्रंप ने पोस्ट में लिखा कि मोदी के प्रति सम्मान और दोस्ती की वजह से यह फैसले लिए गए हैं. यह ऐलान पिछले कुछ समय से चले आ रहे टैरिफ विवादों के बाद एक सकारात्मक कदम है. इससे भारतीय निर्यातकों को राहत मिलेगी और अमेरिकी उत्पाद भारत में ज्यादा बिक सकेंगे. दोनों नेता जल्द ही और मजबूत साझेदारी बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं. कुल मिलाकर, यह फोन कॉल भारत-अमेरिका रिश्तों में नई गर्मजोशी और व्यावहारिक सहयोग लाने वाला साबित हो रहा है.
First Updated : Monday, 02 February 2026