लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी का दौर तेज हो गया है. उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने दावा किया है कि समाजवादी पार्टी के कई सांसद पार्टी छोड़ने की तैयारी में हैं. कानपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि सपा के करीब 25 से 26 सांसद मौजूदा समय में असंतुष्ट हैं और आने वाले समय में पार्टी में बड़ी टूट देखने को मिल सकती है.
डिप्टी सीएम ने अन्य राज्यों में राजनीतिक दलों के विभाजन का उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे कुछ दलों में समय-समय पर टूट हुई, उसी तरह समाजवादी पार्टी में भी आंतरिक असंतोष बढ़ रहा है. इतना ही नहीं उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा किसी दल को तोड़ने की कोशिश नहीं कर रही, लेकिन 2027 के विधानसभा चुनाव तक सपा के भीतर बदलाव की स्थिति बन सकती है.
इस बीच राज्य सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर के एक सोशल मीडिया पोस्ट ने भी राजनीतिक चर्चाओं को हवा दे दी है. राजभर ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी में जल्द बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिल सकता है. उन्होंने पुराने विवादों और कथित घोटालों का जिक्र करते हुए विपक्षी दल पर निशाना साधा है. वहीं मंत्री मनोज पांडेय ने भी कहा कि सपा के कई नेता पार्टी की कार्यशैली से संतुष्ट नहीं हैं.
हालांकि इन आरोपों और दावों को समाजवादी पार्टी ने पूरी तरह खारिज कर दिया है. विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने भाजपा नेताओं के बयानों को राजनीतिक प्रचार बताया है. उन्होंने कहा कि विपक्ष को कमजोर दिखाने के लिए इस तरह की बातें की जा रही हैं. सपा नेता रविदास मेहरोत्रा ने भी दावा किया कि पार्टी का कोई भी नेता भाजपा में शामिल नहीं होगा और आगामी चुनाव में समाजवादी पार्टी मजबूत प्रदर्शन करेगी.
इसी दौरान राम मंदिर के दानपात्र से धन गायब होने के मामले पर भी केशव प्रसाद मौर्य ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मामले की जांच जारी है और दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ की जा रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा. फिलहाल सपा में संभावित टूट को लेकर लगाए जा रहे दावों और विपक्ष के जवाबी हमलों के बीच उत्तर प्रदेश का राजनीतिक माहौल लगातार गर्माता नजर आ रहा है. First Updated : Wednesday, 17 June 2026