बृजभूषण सिंह की बेटी ने अपनी ही सरकार पर उठाए सवाल, नोएडा हिंसा को लेकर शालिनी सिंह ने प्रशासन से मांगा जवाब

नोएडा में जारी मजदूरों के हिंसक प्रदर्शन के बीच बृजभूषण शरण सिंह की बेटी शालिनी सिंह ने वीडियो शेयर कर पुलिस और प्रशासन पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था की कड़ी आलोचना की.

Sonee Srivastav

नोएडा: नोएडा सिटीजन फोरम की कार्यकारी उपाध्यक्ष शालिनी सिंह ने मंगलवार को नोएडा में मजदूरों के हिंसक प्रदर्शन पर एक वीडियो जारी किया. इसमें उन्होंने पुलिस और प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि हाईटेक शहर नोएडा में इतना बड़ा प्रदर्शन अचानक हिंसक कैसे हो गया. उन्होंने पूछा कि खुफिया विभाग को इसकी कोई भनक तक क्यों नहीं लगी. 

शालिनी सिंह ने सुरक्षा व्यवस्था की कड़ी आलोचना की. उनका कहना था कि हजारों लोग इकट्ठा होकर हिंसा कर रहे हैं तो यह पुलिस और इंटेलिजेंस की बड़ी नाकामी है. उन्होंने प्रशासन से जवाब मांगा कि ऐसी घटना को रोकने के लिए पहले से क्या तैयारी की गई थी.

शालिनी ने अपनी सरकार पर उठाए सवाल

बृजभूषण शरण सिंह की बेटी होने के बावजूद शालिनी सिंह ने अपनी ही सरकार और पुलिस की विफलता पर सवाल खड़े किए. उनके पिता पूर्व कुश्ती संघ अध्यक्ष और बीजेपी नेता रहे हैं. एक भाई भाजपा सांसद है तो दूसरे विधायक. फिर भी शालिनी ने बेबाकी से प्रशासन की खामियों को उजागर किया.

यह बयान ऐसे समय में आया है जब नोएडा के कई इलाकों में मजदूरों के वेतन वृद्धि के प्रदर्शन हिंसक रूप ले चुके हैं. पत्थरबाजी, आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आई. पुलिस को आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा और सैकड़ों लोगों को गिरफ्तार किया गया. 

राजनीति में एंट्री के संकेत

शालिनी सिंह का यह बेबाक अंदाज सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है. हाल ही में उन्होंने इंडिया टुडे से बातचीत में परिवार की सियासी विरासत का बचाव किया था. परिवारवाद के आरोपों पर उन्होंने कहा कि जब परिवार के सभी सदस्य खुद अपनी मेहनत से राजनीति कर रहे हैं तो इसे परिवारवाद नहीं कहना चाहिए.

उन्होंने इशारों में चुनावी राजनीति में उतरने की इच्छा भी जताई है. खासकर नोएडा क्षेत्र से उनकी संभावित एंट्री की चर्चाएं तेज हो गई है. पिता बृजभूषण शरण सिंह की तरह शालिनी का सख्त और स्पष्ट रुख अब उनकी राजनीतिक छवि को मजबूत करने वाला माना जा रहा है.

शालिनी सिंह जैसे प्रभावशाली परिवार से आने वाली महिला नेता का यह रुख यूपी की सियासत में नई बहस छेड़ सकता है. फिलहाल नोएडा में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है.

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