मथुरा/वृंदावन: राजस्थान के श्रीगंगानगर निवासी चाय विक्रेता विकास गर्ग की सनसनीखेज हत्या के मामले में मथुरा की अदालत ने महिला सहित तीन आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. अदालत ने प्रत्येक दोषी पर डेढ़-डेढ़ लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है. हत्या की साजिश रचने वाली महिला और वारदात को अंजाम देने वाले दोनों आरोपी घटना के खुलासे के बाद से ही जेल में बंद थे.
श्रीगंगानगर निवासी विकास गर्ग अगस्त 2023 में वृंदावन आकर चाय का स्टॉल चलाने लगे थे. इसी दौरान श्रीगंगानगर की रहने वाली पूजा का उनके यहां आना-जाना था. दोनों के बीच नजदीकियां थीं, लेकिन बाद में किसी बात को लेकर विवाद हो गया. आरोप है कि इसी विवाद के चलते पूजा ने विकास को रास्ते से हटाने की योजना बनाई और श्रीगंगानगर के ही रणमीत उर्फ राजन तथा अमन पुंशी को सुपारी देकर हत्या की साजिश रची.
25 अक्टूबर 2023 की रात दोनों आरोपी विकास को बहाने से रामनरेती क्षेत्र के एक सुनसान स्थान पर ले गए. वहां उसके सिर पर लोहे की सरियों से ताबड़तोड़ वार कर हत्या कर दी. हत्या के बाद शव को रशियन बिल्डिंग के पीछे वाणी आश्रम के समीप नाले में फेंक दिया गया. आरोपियों ने वारदात का वीडियो बनाकर साजिशकर्ता महिला को भेजा और फरार हो गए.
मामले की जांच तत्कालीन इंस्पेक्टर क्राइम धर्मेंद्र कुमार को सौंपी गई थी. जांच के दौरान पुलिस को विकास और पूजा के बीच संबंधों की जानकारी मिली. पूछताछ में पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर पूजा को हिरासत में लिया, जिसके बाद हत्या की पूरी साजिश का खुलासा हुआ. महिला की निशानदेही पर रणमीत और अमन को भी गिरफ्तार कर लिया गया.
पुलिस ने मामले में चार्जशीट दाखिल की. अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 12 गवाहों की गवाही, सीसीटीवी फुटेज तथा मोबाइल फोन से प्राप्त डिजिटल साक्ष्य प्रस्तुत किए. इन मजबूत सबूतों के आधार पर एडीजे स्पेशल ईसी एक्ट राजेश पाराशर की अदालत ने तीनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई.
एडीजीसी क्राइम मुकेश गोस्वामी ने बताया कि अदालत के फैसले के बाद तीनों दोषियों को पुनः जेल भेज दिया गया. अदालत ने माना कि अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य हत्या की साजिश और वारदात में आरोपियों की भूमिका को संदेह से परे साबित करते हैं. First Updated : Friday, 19 June 2026