लखनऊ: लखनऊ के अलीगंज इलाके में सोमवार सुबह एक कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग ने हड़कंप मचा दिया। आग बुझने के बाद रेस्क्यू टीम को इमारत से कई शव मिले हैं, जिससे हादसे में मौतों की पुष्टि हो गई है।
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने बताया कि बचाव अभियान अंतिम चरण में है। फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों को धुएं के कारण इमारत में घुसने में दिक्कत हुई। उन्होंने बगल के घर की दूसरी मंजिल की दीवार तोड़कर अंदर प्रवेश किया। हर कमरे और वॉशरूम की तलाशी ली गई। धुआं निकालने के लिए एग्जॉस्ट फैन लगाए गए थे।
पाठक के मुताबिक कुछ छात्रों ने खुद को वॉशरूम में बंद कर लिया था। सबसे ऊपरी मंजिल पर पहुंचने पर वहां कोई नहीं मिला। उन्होंने कहा कि तलाशी पूरी होने के बाद ही हताहतों की सही संख्या बताई जा सकेगी।
इमारत में कोचिंग सेंटर के साथ एनिमेशन सेंटर और पेट शॉप भी चल रहे थे। आग लगते ही अफरातफरी मच गई। कई छात्र घबराकर बाहर निकलने की कोशिश में कूद गए और घायल हो गए। घायलों को तुरंत अस्पताल भेजा गया।
चश्मदीद अमन ने बताया कि जब वे मौके पर पहुंचे तो इमारत से घना धुआं निकल रहा था। उन्होंने और स्थानीय लोगों ने मिलकर 5-6 लोगों को बाहर निकाला। लेकिन आग लगने के बाद एक व्यक्ति घबराहट में कूद गया और गंभीर रूप से घायल हो गया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि प्रभावित परिवारों से तुरंत संपर्क कर हर संभव मदद पहुंचाई जाए। घायलों के इलाज के लिए बेहतर से बेहतर व्यवस्था करने को भी कहा गया है।
फिलहाल आग लगने की वजह साफ नहीं हो पाई है। इमारत में लाइब्रेरी और कंप्यूटर ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट भी चल रहा था। फायर डिपार्टमेंट और पुलिस मिलकर मामले की जांच कर रहे हैं।
हादसे के बाद इलाके में शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कोचिंग सेंटरों में फायर सेफ्टी के इंतजाम अक्सर नाकाफी होते हैं, जिसकी वजह से ऐसी घटनाएं होती हैं।
घटना स्थल पर जायजा लेने पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों को भी फटकार लगाई। साथ ही उन्होंने अस्पताल पहुंचकर घायलों और उनके उनके परिजनों से मुलाकात कर भरोसा जताया। First Updated : Monday, 22 June 2026