वृंदावन में प्रशासन का बड़ा प्रहार, एक दर्जन से अधिक होटल-रेस्टोरेंट और गेस्ट हाउस सील
वृंदावन में प्रशासन ने सुरक्षा मानकों और भवन उपयोग नियमों के उल्लंघन पर बड़ी कार्रवाई करते हुए एक दर्जन से अधिक होटल, गेस्ट हाउस, रेस्टोरेंट और अन्य प्रतिष्ठानों को सील कर दिया. अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि फायर सेफ्टी और वैधानिक नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा.

मथुरा: लखनऊ में हुए हालिया अग्निकांड के बाद उत्तर प्रदेश में सुरक्षा मानकों को लेकर प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है. इसी क्रम में धार्मिक नगरी वृंदावन में बुधवार को बड़े पैमाने पर जांच और प्रवर्तन अभियान चलाया गया. सिटी मजिस्ट्रेट अनुपम मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस, अग्निशमन विभाग, मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण और अन्य संबंधित विभागों की संयुक्त टीम ने विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण किया. इस दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले एक दर्जन से अधिक होटल, गेस्ट हाउस, रूम स्टे, रेस्टोरेंट, सैलून और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सील कर दिया गया.
अनियमितताएं मिलने पर सीलिंग की कार्रवाई
अचानक हुई इस कार्रवाई से शहर के व्यापारिक क्षेत्रों में हलचल मच गई. कई प्रतिष्ठान संचालकों को प्रशासन की सख्ती की भनक लगते ही अपने प्रतिष्ठान बंद करने पड़े, जबकि कुछ लोग मौके से चले गए. इसके बावजूद अधिकारियों ने जांच जारी रखी और जहां अनियमितताएं मिलीं, वहां नियमानुसार सीलिंग की कार्रवाई की गई.
निरीक्षण के दौरान प्रशासन को कई गंभीर खामियां मिलीं. अधिकारियों ने पाया कि कई भवनों को मूल रूप से आवासीय उपयोग के लिए स्वीकृति मिली थी, लेकिन उनमें होटल, गेस्ट हाउस और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही थीं. इसके अलावा कई प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा से जुड़े आवश्यक उपकरण और व्यवस्थाएं भी मानकों के अनुरूप नहीं थीं. कुछ स्थानों पर जरूरी लाइसेंस और विभागीय अनुमतियों का अभाव भी पाया गया.
सिटी मजिस्ट्रेट अनुपम मिश्रा ने क्या कहा?
सिटी मजिस्ट्रेट अनुपम मिश्रा ने कहा कि आम लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता. उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन प्रतिष्ठानों में नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी. साथ ही संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे ऐसे मामलों की लगातार निगरानी करें और आवश्यक कदम उठाएं.
अभियान के दौरान चैतन्य विहार क्षेत्र में स्थित एक अस्पताल की वैधानिक स्थिति पर भी सवाल खड़े हुए. प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी को पत्र भेजकर जांच कराने और नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा है. अधिकारियों का कहना है कि अस्पतालों सहित सभी संस्थानों की कानूनी स्थिति और सुरक्षा मानकों की जांच की जाएगी.
दिनभर चली इस कार्रवाई की शहरभर में चर्चा रही. विभिन्न स्थानों पर बड़ी संख्या में लोग प्रशासनिक टीम की गतिविधियां देखने के लिए एकत्रित हुए. प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि अवैध निर्माण, फायर सेफ्टी नियमों की अनदेखी और स्वीकृत नक्शों के विपरीत उपयोग किए जा रहे भवनों के खिलाफ आगे भी इसी तरह का अभियान जारी रहेगा.


