संभल: पहली बार 68 तीर्थों पर मनाई जाएगी होली, सुरक्षा को लेकर प्रशासन अलर्ट

संभल में इस बार होली 68 तीर्थ स्थलों पर सामूहिक रूप से मनाई जाएगी. प्रशासन ने 64 जुलूसों की अनुमति देते हुए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं. सीसीटीवी, ड्रोन निगरानी और अतिरिक्त पुलिस बल के साथ शांति बनाए रखने पर विशेष जोर है.

Shraddha Mishra

संभल: उत्तर प्रदेश के संभल में इस बार होली में कुछ अलग ही अंदाज देखने को मिलेगा. इस बार यह उत्सव केवल गलियों और चौपालों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि हाल ही में पहचान में आए 68 प्राचीन तीर्थ स्थलों तक पहुंचेगा. शहर में एक ओर उत्साह का माहौल है तो दूसरी ओर प्रशासन ने शांति बनाए रखने के लिए सख्त इंतजाम भी किए हैं. पहली बार इतने बड़े स्तर पर तीर्थों पर सामूहिक रंगोत्सव मनाने की तैयारी ने लोगों में खास उत्सुकता पैदा कर दी है.

नगर हिंदू सभा, तीर्थ परिक्रमा समिति और विभिन्न मंदिर समितियों ने मिलकर इस विशेष आयोजन की रूपरेखा तैयार की है. योजना के अनुसार 68 तीर्थ स्थलों और 19 कूपों पर दीप प्रज्वलन और गुलाल अर्पण किया जाएगा. आयोजकों का कहना है कि जिस तरह मथुरा और वृंदावन में कई दिनों तक होली की धूम रहती है, उसी तरह संभल में भी इस बार उत्सव का विस्तार होगा.

सुबह पूजा-अर्चना से शुरुआत होगी, दोपहर में गुलाल उत्सव और शाम को दीपदान कार्यक्रम रखे गए हैं. कई स्थानों पर भजन-संध्या और बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे. मंदिरों के पुजारियों का मानना है कि तीर्थों के पुनर्जीवन की खुशी को पूरे समाज के साथ साझा करना ही इस आयोजन का उद्देश्य है.

प्रशासन की सख्त तैयारियां

शहर में 64 जुलूसों की अनुमति दी गई है. बेहतर व्यवस्था के लिए जिले को तीन हिस्सों में बांटा गया है. 17 थानों में मजिस्ट्रेट तैनात रहेंगे और 27 क्विक रिस्पॉन्स टीम लगातार निगरानी करेंगी. जुलूस तय रूट और समय के अनुसार ही निकलेंगे. पुलिस बल आगे-पीछे और दोनों ओर मौजूद रहेगा ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो. जिला प्रशासन ने अमन कमेटी की बैठकों में आयोजकों के साथ नियम और दिशा-निर्देश तय किए हैं. ध्वनि सीमा, समय-सीमा और सोशल मीडिया पर नजर रखने की भी व्यवस्था की गई है.

संवेदनशील हालात के बीच सुरक्षा का घेरा

हाल के घटनाक्रमों के कारण प्रशासन अतिरिक्त सतर्क है. संभावित उपद्रवियों पर नजर रखी जा रही है. पीएसी, रैपिड रिएक्शन फोर्स और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है. शहर के प्रमुख चौराहों और जुलूस मार्गों पर 250 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं. ड्रोन के जरिए भी भीड़ और गतिविधियों की निगरानी की जाएगी. विशेष ध्यान उन रास्तों पर है जहां से जुलूस संवेदनशील इलाकों से गुजरेंगे. प्रशासन का कहना है कि उद्देश्य केवल शांतिपूर्ण और सम्मानजनक तरीके से त्योहार मनाना है.

रंगों का कारोबार भी चरम पर

होली से पहले रंगों की मांग भी बढ़ गई है. स्थानीय फैक्ट्रियों में चंदन, गुलाब, केवड़ा और अन्य खुशबू वाले गुलाल तैयार किए गए हैं. बच्चों के लिए सुरक्षित और त्वचा के अनुकूल रंग बनाए गए हैं. संभल से कई राज्यों में रंगों की सप्लाई की जा रही है, जिससे बाजारों में रौनक देखने को मिल रही है.

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