गाजियाबाद: गाजियाबाद से सामने आई तीन नाबालिग बहनों की आत्महत्या की घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है. नौवीं मंजिल से कूदकर जान देने वाली इन बहनों के पीछे की वजहें अब धीरे-धीरे सामने आ रही हैं, जिनमें कोरियाई संस्कृति के प्रति जुनून, ऑनलाइन दुनिया की लत और पारिवारिक तनाव शामिल बताए जा रहे हैं.
पुलिस को घटनास्थल से मिली एक डायरी ने इस मामले को और भी गंभीर बना दिया है. आठ पन्नों के इस नोट में बहनों की मानसिक स्थिति, उनकी इच्छाएं और परिवार से जुड़ी नाराजगी साफ झलकती है. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है.
बुधवार तड़के करीब 2 बजे गाजियाबाद की एक रिहायशी इमारत के नौवें फ्लोर से गिरने के बाद 16, 14 और 11 साल की तीन बहनों की मौके पर ही मौत हो गई. शुरुआती जांच में यह आत्महत्या का मामला बताया गया है. तीनों लंबे समय से सामाजिक रूप से अलग-थलग रह रही थीं और बाहरी दुनिया से उनका संपर्क बेहद सीमित था.
जांच में सामने आया है कि तीनों बहनें कोरियाई संस्कृति से बेहद प्रभावित थीं. के-ड्रामा और के-पॉप उनके जीवन का अहम हिस्सा बन चुके थे. उन्होंने अपने लिए अलीज़ा, सिंडी और मारिया जैसे नाम भी अपना लिए थे, जिनका इस्तेमाल वे आपस में करती थीं. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह वैकल्पिक पहचान उनकी असल जिंदगी पर हावी हो चुकी थी.
फ्लैट से बरामद आठ पन्नों की डायरी में बहनों ने लिखा है कि उनके परिवार के सदस्य, खासकर सौतेले भाई, उनके कोरिया प्रेम को नहीं समझते थे. नोट में यह भी दर्ज है कि वे उसे सिर्फ “भाई” कहकर संबोधित करती थीं. इसी डायरी में उन्होंने सवाल लिखा था "क्या आप हमें कोरिया जाने से रोकेंगे?"
डायरी के अनुसार, बहनों को कोरिया के अलावा चीन, जापान और थाईलैंड भी पसंद था. वे वहां के लोगों और संस्कृति से जुड़ाव महसूस करती थीं. उन्हें इस बात का गहरा दुख था कि वे इन देशों में जाकर रह नहीं सकती थीं. पुलिस के मुताबिक, यह निराशा समय के साथ और गहरी होती चली गई.
पुलिस जांच में पता चला है कि तीनों बहनों ने करीब 2020 के बाद स्कूल जाना बंद कर दिया था. बड़ी बहन सातवीं, मंझली पांचवीं और छोटी तीसरी कक्षा तक पढ़ी थी. वे शायद ही कभी घर से बाहर निकलती थीं और पड़ोस में भी उनके कोई दोस्त नहीं थे. एक पुलिस अधिकारी ने कहा, "उनका कोई सामाजिक जीवन नहीं था."
घटना से करीब 10 दिन पहले पिता ने आर्थिक तंगी के चलते वह फोन बेच दिया था, जिस पर बहनें कोरियाई ड्रामा देखती थीं. फोन करीब 3,500 रुपये में बेचा गया था. इसके साथ ही उनसे सोशल मीडिया अकाउंट भी डिलीट करवा दिया गया, जिस पर लगभग 2,000 फॉलोअर्स थे. पुलिस के अनुसार, इससे बहनें बेहद आहत हो गई थीं. एक अधिकारी ने कहा, "उनके लिए ऑनलाइन दुनिया ही सब कुछ थी."
पुलिस के मुताबिक, परिवार की स्थिति काफी जटिल थी. पिता की एक से अधिक शादियों और सभी सदस्यों के एक ही 3BHK फ्लैट में रहने से घरेलू माहौल तनावपूर्ण बना हुआ था. अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आलोक प्रियदर्शी ने कहा, "घर के हालात जटिल थे. परिवार के सभी सदस्य एक साथ रहते थे." इस पहलू की भी जांच की जा रही है.
फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि किन परिस्थितियों ने तीनों बहनों को यह कदम उठाने के लिए मजबूर किया. ऑनलाइन लत, मानसिक स्वास्थ्य, पारिवारिक दबाव और सामाजिक अलगाव—इन सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है. First Updated : Thursday, 05 February 2026