नई दिल्ली: लखनऊ से शिक्षामित्रों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है. योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रदेश के करीब 1.42 लाख शिक्षामित्रों के लिए बढ़े हुए मानदेय का भुगतान सुनिश्चित करने हेतु 250 करोड़ रुपये का फंड जारी कर दिया है. इस फैसले के बाद अब शिक्षामित्रों को हर महीने 18,000 रुपये मानदेय मिलेगा.
सरकार के इस कदम को शिक्षामित्रों के लिए आर्थिक मजबूती की दिशा में बड़ा फैसला माना जा रहा है. इससे पहले मार्च 2026 में मानदेय को 10 हजार से बढ़ाकर 18 हजार रुपये किया गया था, जिसे अब अप्रैल से लागू कर दिया गया है.
प्रदेश सरकार ने स्पष्ट किया है कि शिक्षामित्रों को अब प्रति माह 18,000 रुपये का भुगतान किया जाएगा.
यह बढ़ा हुआ मानदेय 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा और इसका लाभ पूरे प्रदेश के शिक्षामित्रों को मिलेगा.
बेसिक शिक्षा विभाग ने 23 अप्रैल 2026 को जारी आदेश के तहत 250 करोड़ रुपये की धनराशि सभी जिलों में वितरित कर दी है.
यह बजट “शिक्षामित्रों को मानदेय भुगतान (जिला योजना)” मद के तहत जारी किया गया है.
सरकार ने निर्देश दिए हैं कि यह राशि केवल शिक्षामित्रों के मानदेय भुगतान के लिए ही उपयोग की जाएगी. जिलों को यह भी कहा गया है कि वे एकमुश्त राशि निकालने के बजाय जरूरत के अनुसार हर महीने भुगतान करें.
साथ ही, अगली किस्त जारी होने से पहले खर्च का उपयोगिता प्रमाण पत्र देना अनिवार्य होगा.
सरकार ने 9 अप्रैल 2026 को 18 हजार रुपये मानदेय लागू करने का निर्णय लिया था, जबकि 15 अप्रैल को इसके लिए बजट स्वीकृत किया गया.
अब इस फैसले को जमीन पर उतारते हुए फंड जारी कर दिया गया है.
इस फैसले से प्रदेश के हजारों शिक्षामित्रों को सीधा लाभ मिलेगा और उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार की उम्मीद है. शिक्षामित्रों को साल में 11 महीने का मानदेय दिया जाता है.
उत्तर प्रदेश बीटीसी शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव ने सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए कहा, "इस महंगाई में उन्हें अब कुछ राहत मिलेगी. सरकार को धन्यवाद." First Updated : Friday, 24 April 2026