गिरफ्तार निहंगों की रिहाई की मांग पर अड़े 150 से अधिक निहंग, पांवटा साहिब में डाला डेरा

पौंटा साहिब गुरुद्वारे में 150 से अधिक निहंग सिखों का जत्था डेरा डाले हुए है निहंगों के समूह ने स्पष्ट किया है कि जब तक उत्तराखंड में गिरफ्तार किए गए चार निहंगों को रिहा नहीं किया जाता, तब तक वे पंजाब वापस नहीं लौटेंगे.

Yashika Jandwani

देहरादून: हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले स्थित ऐतिहासिक पौंटा साहिब गुरुद्वारे में 150 से अधिक निहंग सिखों का जत्था डेरा डाले हुए है.  बता दें, निहंगों के समूह ने स्पष्ट किया है कि जब तक उत्तराखंड में गिरफ्तार किए गए चार निहंगों को रिहा नहीं किया जाता और उनकी अन्य मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक वे पंजाब वापस नहीं लौटेंगे. वहीं इसी के चलते निहंगों ने अपनी आगे की रणनीति तय करने के लिए बैठक भी की. इसके साथ ही और प्रशासन को मांगें पूरी करने के लिए दो दिन का समय दिया है.

उत्तराखंड जानें की थी तैयारी 

इससे पहले निहंगों का एक जत्था देहरादून की ओर कूच करने के लिए उत्तराखंड सीमा की तरफ बढ़ा था. हालांकि, पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया. इस दौरान कुछ निहंगों द्वारा बैरिकेड हटाकर आगे बढ़ने की कोशिश किए जाने की भी सूचना है, जिसके बाद देहरादून और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई. बाद में बातचीत के बाद निहंगों ने अपना प्रस्तावित मार्च फिलहाल दो दिनों के लिए स्थगित कर दिया है. 

जगदीप सिंह अकाली ने क्या है 

निहंग जत्थे के नेता जगदीप सिंह अकाली का कहना है कि उत्तराखंड प्रशासन ने उनकी मांगों पर विचार करने के लिए समय मांगा है. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर निर्धारित अवधि में गिरफ्तार साथियों को रिहा नहीं किया गया, तो आंदोलन दोबारा शुरू किया जाएगा. इसके साथ ही निहंगों का आरोप है कि गिरफ्तार किए गए चार लोगों के साथ पुलिस ने अनुचित व्यवहार किया और मामले में एकतरफा कार्रवाई की गई. इसे के चलते वे उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेने तथा स्थानीय लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज करने की मांग कर रहे हैं.

क्या है पूरा विवाद 

यह पूरा मामला 16 जून का है. हेमकुंड साहिब यात्रा से लौट रहे 5-6 बाइकों पर सवार निहंगों की कर्णप्रयाग बाजार में एक कार से टक्कर हो गई और बहस बढ़ते-बढ़ते हिंसक झड़प में बदल गई. आरोप है कि कुछ निहंगों ने तलवारों और धारदार हथियारों से हमला कर दिया, जिसके चलते 3-4 स्थानीय लोग घायल हो गए. इस दौरान एक होटल व्यवसायी की हालत गंभीर होने पर उसे एयरलिफ्ट कर एम्स ऋषिकेश भेजना पड़ा.

घटना के बाद गुस्साए व्यापारियों ने बद्रीनाथ नेशनल हाईवे 5 घंटे तक जाम कर दिया. इससे गौचर से नंदप्रयाग तक 25 किमी लंबा जाम लग गया और चारधाम यात्रा बाधित हुई. घटना के चलते, पुलिस ने चार निहंगों को गिरफ्तार किया, तब जाकर जाम खुला.

नगरसु गुरुद्वारे में भी हुआ था बवाल  

गिरफ्तारी के बाद कुछ निहंग बद्रीनाथ हाईवे पर नगरसु गुरुद्वारे पहुंचे और उन्होंने समिति से मदद मांगी थी. हालांकि की समिति द्वारा मदद करने से इनकार करने पर 20 जून को सेवादारों से झड़प हुई और एक बुजुर्ग को बंधक बना लिया गया. कई दिन कब्जे के बाद प्रशासन और पंजाब से आए निहंग प्रतिनिधियों की बातचीत से मामला सुलझा था. 

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