PoK सरकार ने अब पाकिस्तान को सरेआम दी चेतावनी: घेरे में ख्वाजा आसिफ, आंतरिक लड़ाई हुई उजागर!
मामला तब शुरू हुआ जब ख्वाजा आसिफ ने एक टीवी इंटरव्यू में कहा कि ‘रावलाकोट और मीरपुर के लोग असल कश्मीरी नहीं हैं’। इस बयान के बाद PoK में गुस्सा फूट पड़ा।

नई दिल्ली: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर यानी PoK और इस्लामाबाद के बीच तनाव अब खुलकर सामने आ गया है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के एक बयान ने ऐसा बवाल खड़ा किया कि PoK के प्रधानमंत्री फैसल मुमताज राठौर ने उन्हें सार्वजनिक मंच पर फटकार लगा दी। राठौर ने आसिफ से माफी मांगने तक को कह दिया। इस विवाद ने पाकिस्तान सरकार और PoK प्रशासन के बीच बढ़ती दरार को दुनिया के सामने ला दिया है।
ख्वाजा आसिफ के बयान से भड़का विवाद
मामला तब शुरू हुआ जब ख्वाजा आसिफ ने एक टीवी इंटरव्यू में कहा कि ‘रावलाकोट और मीरपुर के लोग असल कश्मीरी नहीं हैं’। इस बयान के बाद PoK में गुस्सा फूट पड़ा। PoK के प्रधानमंत्री फैसल मुमताज राठौर ने X पर रक्षा मंत्री को आड़े हाथों लिया। उन्होंने लिखा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों को अपनी पहचान साबित करने के लिए किसी की मंजूरी की जरूरत नहीं है।
राठौर ने कहा कि वरिष्ठ नेताओं के ऐसे बयान समाज को जोड़ने के बजाय तोड़ने का काम कर रहे हैं। उन्होंने साफ कहा, ‘जम्मू-कश्मीर के लोगों को अपनी पहचान के लिए पाकिस्तान के रक्षा मंत्री के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है।’
‘PoK सरकार को बलि का बकरा बना रहे हैं आसिफ’
राठौर ने आरोप लगाया कि बयान पर हंगामा होने के बाद ख्वाजा आसिफ अब PoK सरकार पर हमला करके अपनी गलती से ध्यान भटका रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर रक्षा मंत्री को PoK सरकार के कामकाज पर शक है तो वे अपनी ही पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से पूछ लें। राठौर ने दो टूक कहा कि आसिफ को अपने बयान के लिए सार्वजनिक माफी मांगनी चाहिए, न कि PoK सरकार को जिम्मेदार ठहराना चाहिए।
बिलावल भुट्टो ने भी जताई नाराजगी
यह विवाद सिर्फ PoK तक नहीं रुका। पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी ने भी संसद में ख्वाजा आसिफ के बयान पर आपत्ति जताई। उन्होंने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से कहा कि वे अपने मंत्रियों पर लगाम कसें। बिलावल ने कहा कि कश्मीर जैसे संवेदनशील मुद्दे पर गैर-जिम्मेदाराना बयानबाजी नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने जोर देकर कहा कि PoK से जुड़े राजनीतिक मसले बातचीत से सुलझने चाहिए, न कि प्रशासनिक दबाव से। इस पूरे घटनाक्रम ने दिखा दिया कि पाकिस्तान और PoK के बीच रिश्तों में कितनी कड़वाहट आ चुकी है। एक बयान ने दोनों के बीच की खींचतान को अंतरराष्ट्रीय मंच पर उजागर कर दिया है।


