नई दिल्ली: उत्तर भारत में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है. बीते कुछ दिनों की धूप के बाद अब बारिश, तेज हवाएं और गरज-चमक का दौर शुरू होने की संभावना जताई गई है. मौसम विभाग के अनुसार, इस बदलाव के पीछे सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ जिम्मेदार हैं, जिनका असर मैदानी इलाकों से लेकर पहाड़ी राज्यों तक देखने को मिल सकता है.
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अपने ताजा पूर्वानुमान में चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में मौसम अस्थिर बना रहेगा. कई राज्यों में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि पहले ही दर्ज की जा चुकी है, और अब यह सिलसिला आगे भी जारी रह सकता है.
दिल्ली और एनसीआर में 26 मार्च को हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना है. इसके साथ ही गरज, बिजली और तेज हवाएं भी चल सकती हैं. हवा की रफ्तार 20-30 किमी प्रति घंटा रहने की संभावना है, जबकि कुछ इलाकों में दोपहर के समय झोंके 40 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकते हैं.
यह बदलाव गर्मी से अस्थायी राहत जरूर देगा, लेकिन मौसम को अस्थिर बना सकता है.
राजधानी में बीते दिन अधिकतम तापमान 33.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से दो डिग्री अधिक रहा. मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को गरज के साथ बारिश हो सकती है. न्यूनतम तापमान करीब 18 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस तक रहने की संभावना है.
उत्तर प्रदेश में पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों में मौसम का असर अलग-अलग रहेगा.
मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से आने वाले दिनों में बदलाव जारी रहेगा.
बिहार में अगले दो दिनों तक मौसम खराब रहने का अनुमान है. तेज हवाओं के साथ बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है.
आईएमडी के अनुसार, राज्य में भारी बारिश की आशंका को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. ऐसे में रामनवमी के दौरान मौसम उत्सव में बाधा डाल सकता है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
हिमाचल प्रदेश में 26 मार्च से दो सक्रिय पश्चिमी विक्षोभों का असर देखने को मिल सकता है. मौसम विभाग ने कई इलाकों में बारिश और गरज के साथ तूफान की संभावना जताई है.
इस दौरान मौसम ठंडा और बादलों से घिरा रह सकता है. First Updated : Thursday, 26 March 2026