बंगाल बीजेपी का ममता बनर्जी पर बड़ा हमला, मूंछों वाली तस्वीर शेयर कर हिटलर से की तुलना

अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर पश्चिम बंगाल में राजनीति शुरू हो गई है. बीजेपी ने ममता बनर्जी की एक तस्वीर शेयर की, जिसमें उनकी बराबरी हिटलर से की गई.

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नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. विभिन्न पार्टियां जनता को अपनी ओर खींचने के लिए नए-नए तरीके आजमा रही हैं. इसी बीच, भाजपा की बंगाल शाखा ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला किया है.

उन्होंने सोशल मीडिया पर एक तस्वीर साझा की, जिसमें ममता को एडॉल्फ हिटलर जैसा दिखाया गया है. इस पोस्ट ने राज्य में नया बवाल मचा दिया है.

सोशल मीडिया पर बीजेपी का तीखा हमला

भाजपा ने अपने पोस्ट में ममता बनर्जी को "तानाशाह" कहा है. तस्वीर में उनका चेहरा हिटलर के साथ जोड़ा गया है, जिसमें मूंछें भी दिखाई गई हैं. कैप्शन में लिखा है, "तानाशाह घबरा गया है." यह हमला राज्य के पहले से ही गर्म राजनीतिक माहौल में आग लगाने वाला साबित हो रहा है.

भाजपा का कहना है कि ममता की नीतियां तानाशाही वाली हैं, जो लोकतंत्र के लिए खतरा हैं. इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है, जहां कुछ लोग भाजपा के इस कदम की निंदा कर रहे हैं, तो कुछ समर्थन में हैं.

मेस्सी दौरे से शुरू हुआ विवाद

यह हमला एक हालिया घटना से जुड़ा है. अर्जेंटीना के फुटबॉल स्टार लियोनेल मेस्सी का कोलकाता दौरा बड़ा मुद्दा बन गया. मेस्सी के भारत टूर 2025 के दौरान स्टेडियम में हंगामा हो गया. खबरों के अनुसार, मेस्सी ने कुप्रबंधन की वजह से सिर्फ 10 मिनट मैदान पर बिताए और चले गए. इससे गुस्साए फैंस ने स्टेडियम में तोड़फोड़ की. टिकट के लिए मोटी रकम देने वाले लोग बहुत निराश हुए. 

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस पर माफी मांगी और कहा कि वह इस घटना से बहुत दुखी हैं. लेकिन भाजपा ने इसे "मगरमच्छ का आंसू" बताया. उन्होंने कहा कि यह पश्चिम बंगाल और फुटबॉल दोनों का अपमान है. भाजपा और कांग्रेस ने इस अराजकता के लिए तृणमूल कांग्रेस सरकार को दोषी ठहराया. वहीं, टीएमसी ने सफाई दी कि यह कार्यक्रम एक निजी एजेंसी ने आयोजित किया था, राज्य सरकार का इससे कोई लेना-देना नहीं है.

आयोजक की गिरफ्तारी

घटना के बाद पुलिस ने कार्रवाई की. मेस्सी टूर के प्रमोटर और आयोजक सताद्रु दत्ता को गिरफ्तार कर लिया गया. रविवार को उन्हें बिधाननगर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से 14 दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया. पुलिस इस मामले की जांच कर रही है कि कुप्रबंधन के पीछे क्या वजहें थीं.

यह पूरा प्रकरण चुनाव से पहले राजनीतिक दलों के बीच तनाव को और बढ़ा रहा है. भाजपा का यह हमला ममता बनर्जी की छवि को प्रभावित कर सकता है, लेकिन टीएमसी भी पलटवार करने की तैयारी में है. राज्य की जनता अब देख रही है कि यह विवाद कहां तक जाता है. First Updated : Monday, 15 December 2025