सबरीमाला सोना चोरी मामला क्या है? ED की एंट्री, 3 राज्यों में 21 ठिकानों पर छापेमारी
केरल के पवित्र सबरीमाला अयप्पा मंदिर से जुड़े कथित सोना चोरी मामले ने देशभर में हलचल मचा दी है. मंदिर में सोने की परत में गड़बड़ी के आरोपों के बाद अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) एक्शन मोड में है और तीन राज्यों में एक साथ बड़ी छापेमारी की जा रही है.

अयप्पा मंदिर विवाद: केरल के पवित्र सबरीमाला अयप्पा मंदिर से जुड़ा कथित सोना चोरी का मामला अब एक बड़े राजनीतिक, धार्मिक और कानूनी विवाद का रूप ले चुका है. मंदिर में द्वारपालक की मूर्तियों और अन्य संरचनाओं पर चढ़ाए गए सोने की परत में गड़बड़ी के आरोप सामने आने के बाद यह मामला केरल हाई कोर्ट तक पहुंचा, जहां से जांच के आदेश दिए गए.
अब इस संवेदनशील मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की भी एंट्री हो चुकी है. मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच करते हुए ईडी ने केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु में एक साथ 21 ठिकानों पर छापेमारी शुरू की है, जिससे यह मामला और भी गंभीर हो गया है.
ED की बड़ी कार्रवाई
ईडी सूत्रों के मुताबिक, प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु में करीब 21 जगहों पर रेड की जा रही है. यह कार्रवाई केरल पुलिस की एफआईआर के आधार पर दर्ज किए गए PMLA केस के तहत हो रही है.
बताया जा रहा है कि बेंगलुरु में मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी और त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (TDB) के पूर्व अध्यक्ष ए. पद्मकुमार से जुड़े ठिकानों पर भी ईडी की टीम छानबीन कर रही है.
SIT की जांच के बाद ED की एंट्री
इस मामले की जांच पहले से ही केरल हाई कोर्ट की निगरानी में गठित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) कर रही है. हाई कोर्ट के निर्देश पर SIT ने जांच कर अपनी रिपोर्ट कोर्ट में सौंपी, जिसमें मंदिर से सोने की चोरी की पुष्टि की गई.
SIT की जांच के दौरान मंदिर के मुख्य पुजारी (तंत्री) कंदारारू राजीवारू को गिरफ्तार किया गया. उनकी गिरफ्तारी इस मामले में 11वीं गिरफ्तारी मानी जा रही है.
सोने की चादरों की माप और सैंपल लेगी जांच टीम
सबरीमाला मंदिर परिसर के सन्निधानम में SIT की टीम पहुंच चुकी है. हाई कोर्ट की अनुमति से टीम अब मंदिर में लगी सोने की चादरों की मात्रा मापेगी और उनके सैंपल भी एकत्र करेगी.
यह जांच प्रशासनिक चूक, आधिकारिक लापरवाही और भगवान अयप्पा मंदिर की कलाकृतियों से जुड़े सोने की कथित हेराफेरी की साजिश से जुड़ी हुई है.
किन संरचनाओं में हुई गड़बड़ी की जांच?
SIT की जांच मंदिर के 'द्वारपालक' (रक्षक देवता) की मूर्तियों पर चढ़ी सोने से मढ़ी तांबे की प्लेटों और 'श्रीकोविल' (गर्भगृह) के दरवाजों के फ्रेम से जुड़े सोने के कथित नुकसान पर केंद्रित है.
जांच एजेंसियों का मानना है कि सोने की परत की मोटाई और वजन में भारी अंतर पाया गया है, जिससे चोरी और हेराफेरी की आशंका गहराई है.
क्या है सबरीमाला सोना चोरी विवाद?
यह पूरा विवाद 30.3 किलोग्राम सोने और करीब 1,900 किलोग्राम तांबे से जुड़ा है, जिसे वर्ष 1998 में उद्योगपति विजय माल्या ने मंदिर के गर्भगृह और लकड़ी की नक्काशी के कार्य के लिए दान किया था.
केरल हाई कोर्ट की समीक्षा के दौरान सामने आया कि सोने की परत का वजन अपेक्षा से काफी कम हो गया है. इसके बाद त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (TDB) में भ्रष्टाचार और चोरी के आरोप लगे और कोर्ट की निगरानी में जांच शुरू की गई.
चार चरणों में चल रही है जांच
इस पूरे मामले की जांच को चार अलग-अलग चरणों में बांटा गया है.
- पहला चरण सबरीमाला के श्रीकोविल और आसपास की सजावटी वस्तुओं व आर्टिफैक्ट्स पर सोने की परत चढ़ाने से जुड़ा है.
- दूसरा चरण वर्ष 2019 में श्रीकोविल के पुराने सोने के दरवाजे को नए सोने के दरवाजे से बदलने से संबंधित है.
- तीसरा चरण 2019 में द्वारपालक की मूर्तियों की सोने की प्लेट्स, साइड प्लेट्स और दरवाजे के फ्रेम प्लेट्स को हटाने से जुड़ा है.
- चौथा चरण वर्ष 2025 में द्वारपालक की मूर्तियों की प्लेट्स पर दोबारा सोने की परत चढ़ाने से जुड़े सभी ट्रांजैक्शनों को कवर करता है.
जांच में यह आरोप सामने आया है कि भगवान की कीमती वस्तुओं की सुरक्षा और कस्टडी की जिम्मेदारी संभालने वालों ने कथित तौर पर सुनियोजित तरीके से सोने को हटाया, बदला या गलत इस्तेमाल किया.


