एक रंग, जो बन गया ब्रांड... क्या है फैशन की दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित रंग 'वैलेंटिनो रेड' की कहानी?

महान फैशन डिजाइनर वैलेंटिनो गारवानी का 93 वर्ष की उम्र में रोम में निधन हो गया. ‘वैलेंटिनो रेड’ से वैश्विक पहचान बनाने वाले वैलेंटिनो ने दशकों तक फैशन को भव्यता, शालीनता और आत्मविश्वास की नई परिभाषा दी.

Shraddha Mishra

फैशन की दुनिया को 19 जनवरी को एक गहरा झटका लगा, जब महान डिजाइनर वैलेंटिनो गारवानी का 93 वर्ष की उम्र में निधन हो गया. उन्होंने रोम स्थित अपने घर में, अपने परिवार और करीबी लोगों के बीच शांतिपूर्वक अंतिम सांस ली. वैलेंटिनो गारवानी को 20वीं सदी के सबसे प्रभावशाली फैशन डिजाइनरों में गिना जाता है. उन्होंने अपने करियर में उन महिलाओं के लिए कपड़े डिजाइन किए, जो अपने-अपने क्षेत्र में पहचान बना चुकी थीं. 

जैकलीन कैनेडी, एलिजाबेथ टेलर, जूलिया रॉबर्ट्स, ग्वेनेथ पाल्ट्रो, प्रियंका चोपड़ा और ईशा अंबानी जैसी कई जानी-मानी हस्तियों ने वैलेंटिनो के बनाए परिधान पहने. साल 1960 में उन्होंने वैलेंटिनो फैशन हाउस की सह-स्थापना की, जो समय के साथ एक अंतरराष्ट्रीय लक्जरी ब्रांड बन गया. उनकी डिजाइन सोच में भव्यता, शालीनता और संतुलन साफ नजर आता था, जिसने उन्हें दुनिया के शीर्ष डिजाइनरों की सूची में शामिल किया.

लाल रंग से बनी एक अनोखी पहचान

वैलेंटिनो की सबसे बड़ी पहचान उनका खास रंग रहा, जिसे दुनिया 'वैलेंटिनो रेड' के नाम से जानती है. बहुत कम डिजाइनर ऐसे होते हैं जिनके नाम के साथ कोई रंग इस कदर जुड़ जाए. वैलेंटिनो ने लाल रंग को सिर्फ एक शेड नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, रोमांस और गरिमा का प्रतीक बना दिया. यह रंग एक साथ गहरा भी था और सादा भी, नाटकीय भी और हर तरह की त्वचा पर जचने वाला भी. उनके कलेक्शन में लाल रंग की मौजूदगी इतनी खास थी कि रनवे हो या रेड कार्पेट, उनकी डिजाइन दूर से ही पहचानी जाती थीं.

बार्सिलोना से मिली प्रेरणा

माना जाता है कि वैलेंटिनो को लाल रंग के प्रति लगाव अपने करियर की शुरुआत में बार्सिलोना की एक यात्रा के दौरान हुआ. वहां उन्होंने ओपेरा 'कारमेन' देखा और इस बात से प्रभावित हुए कि लाल रंग के कपड़े पहनी महिलाएं भीड़ में कितनी अलग और प्रभावशाली दिख रही थीं. यही अनुभव आगे चलकर उनकी डिजाइन भाषा का अहम हिस्सा बन गया. उन्होंने पहली बार अपने स्प्रिंग-समर 1959 कलेक्शन में लाल रंग की ड्रेस पेश की. यह ड्रेस दिखने में सरल थी, लेकिन इसकी चमक और रंग ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया.

लाल रंग को लेकर उनका नजरिया

वैलेंटिनो ने एक इंटरव्यू में कहा था कि उन्होंने शुरू से ही लाल रंग को अपना शुभ रंग माना. उनके लिए यह रंग खुशी, ऊर्जा, जीवन और प्रेम का प्रतीक था. वह मानते थे कि एक अच्छी तरह से तैयार लाल पोशाक पहनने वाली महिला को निखार देती है, बिना उस पर हावी हुए. यही कारण है कि उनकी डिजाइन की गई लाल ड्रेस पहनने वाली महिलाएं आत्मविश्वास से भरी और बेहद प्रभावशाली नजर आती थीं.

सेलेब्रिटीज की पहली पसंद

बीते कई दशकों में वैलेंटिनो रेड उनके फैशन शो का खास समापन बन गया. पेनेलोप क्रूज़, निकोल किडमैन, ऐनी हैथवे, स्कारलेट जोहानसन, रिहाना और जेनिफर एनिस्टन जैसी कई मशहूर हस्तियों ने उनके लाल गाउन पहनकर रेड कार्पेट पर खूब सुर्खियां बटोरीं. 2007 में जब वैलेंटिनो ने संन्यास की घोषणा की, तो उनके आखिरी हाउते कॉउचर शो में सभी मॉडल्स ने लाल रंग की पोशाकें पहनकर उन्हें सम्मान दिया. यह पल भावनात्मक भी था और ऐतिहासिक भी.

एक रंग, जो हमेशा जिंदा रहेगा

वैलेंटिनो रेड इतना खास माना गया कि पैंटोन ने इसे आधिकारिक रूप से मान्यता दी. ब्रांड के रिकॉर्ड बताते हैं कि इस रंग के 550 से ज्यादा अलग-अलग शेड्स उनके कलेक्शन में इस्तेमाल किए गए. 2008 में रिटायरमेंट के बाद भी वैलेंटिनो रेड ब्रांड का अहम हिस्सा बना रहा. आज भी यह रंग उनके उस विश्वास की याद दिलाता है कि एक अकेला रंग भी स्टाइल, आत्मविश्वास और पहचान का स्थायी प्रतीक बन सकता है. 

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