मिडिल ईस्ट तनाव से शेयर बाजार में भारी गिरावट, निवेशकों के 6.5 लाख करोड़ डूबे
मार्च 2026 की शुरुआत में अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए मिसाइल हमलों के बाद वैश्विक तनाव बढ़ गया है. इसका सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर पड़ा, जहां 2 मार्च को सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ी गिरावट दर्ज की गई.
नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण 2 मार्च 2026 को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली. अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर मिसाइल हमलों के बाद वैश्विक बाजारों में घबराहट बढ़ी, जिससे सेंसेक्स 2,700 से अधिक अंक गिरकर 78,500 के नीचे पहुंच गया, जबकि निफ्टी 500 से ज्यादा अंक टूटकर करीब 24,600 पर कारोबार करता दिखा. इस गिरावट के चलते शुरुआती कारोबार में ही निवेशकों की करीब 6.5 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति साफ हो गई. इंडिगो, एलएंडटी, अदानी पोर्ट्स, मारुति सुजुकी और एशियन पेंट्स जैसे कई बड़े शेयर 2% से 5% तक गिर गए. हालांकि डिफेंस सेक्टर के शेयरों में तेजी देखी गई और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स में बढ़त दर्ज हुई. युद्ध जैसे हालात के कारण सोना और चांदी की कीमतों में भी तेज उछाल आया, जबकि कच्चे तेल की कीमतें 52 सप्ताह के उच्च स्तर पर पहुंच गईं.


