बंगाल में मतदान के बाद EVM की सुरक्षा को लेकर बवाल, पुलिस ने स्ट्रॉन्गरूम के पास लगाई सख्त पाबंदियां
पश्चिम बंगाल में मतदान खत्म होने के बाद अब EVM से छेड़छाड़ के आरोपों के चलते नया सियासी बवाल शुरू हो गया है. TMC और BJP के समर्थक आमने-सामने आ गए हैं. जिसके चलते कोलकाता पुलिस ने शहर में सख्त पाबंदियां लागू कर दी हैं.

पश्चिम बंगाल में मतदान खत्म होने के बाद सियासी माहौल शांत होने के बजाय और ज्यादा गर्म हो गया है. EVM में छेड़छाड़ के आरोपों के चलते TMC और BJP के समर्थक आमने-सामने आ गए हैं. हालात को काबू में रखने के लिए कोलकाता पुलिस ने शहर के सभी सात EVM स्ट्रॉन्गरूम के आसपास सख्त पाबंदियां लागू कर दी हैं. वहीं, चुनाव आयोग ने भी साफ संदेश दिया है कि किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
वहीं, गुरुवार देर रात मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दक्षिण कोलकाता के भवानीपुर इलाके में स्थित सखावत मेमोरियल हाई स्कूल के स्ट्रॉन्गरूम के बाहर पहुंचकर करीब तीन घंटे तक धरना दिया. मुख्यमंत्री के वहां पहुंचने के बाद माहौल अचानक गरमा गया है. इसी दौरान लॉर्ड सिन्हा रोड पर बड़ी संख्या में बीजेपी समर्थक भी इकट्ठा हो गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. स्थिति बिगड़ने लगी तो सुरक्षा बलों को हस्तक्षेप करना पड़ा. देर रात पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाया, ताकि हालात नियंत्रण में रह सकें.
TMC और BJP कार्यकर्ताओं के बीच तीखी झड़प
तनाव सिर्फ एक जगह तक सीमित नहीं रहा. मध्य कोलकाता के खुदीराम अनुशीलन केंद्र के पास भी TMC और BJP कार्यकर्ताओं के बीच तीखी झड़प देखने को मिली. स्थिति इतनी बिगड़ गई कि केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों को मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को अलग करना पड़ा. सुरक्षाकर्मियों ने समय रहते हस्तक्षेप किया, जिससे बड़ी हिंसा टल गई. इसके बावजूद इलाके में देर तक तनाव बना रहा.
स्ट्रॉन्गरूम के आसपास सख्त पाबंदियां लागू
स्थिति को देखते हुए पुलिस कमिश्नर अजय नंद ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है. इसके तहत कई अहम नियम लागू किए गए हैं:
- स्ट्रॉन्गरूम के 200 मीटर के दायरे में पांच या उससे अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर रोक लगा दी गई है.
- किसी भी तरह के जुलूस, प्रदर्शन या नारेबाजी पर पूरी तरह प्रतिबंध है.
- ये सभी पाबंदियां 4 मई को मतगणना पूरी होने तक जारी रहेंगी.
- स्ट्रॉन्गरूम के आसपास की सड़कों को सील कर बैरिकेडिंग लगा दी गई है.
- केवल उन्हीं लोगों को अंदर जाने की अनुमति है, जिनके पास चुनाव आयोग द्वारा जारी क्यूआर कोड वाला पहचान पत्र है.
इसके अलावा, लॉर्ड सिन्हा रोड को आम जनता के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया है.
अतिरिक्त पुलिस बल और सख्त निगरानी
ट्रैफिक विभाग के जॉइंट कमिश्नर रूपेश कुमार के अनुसार, जिन जगहों पर विवाद हुआ, वहां अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है. इन इलाकों की निगरानी वरिष्ठ अधिकारियों जैसे एडिशनल सीपी और डीसीपी सीधे तौर पर कर रहे हैं. हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी तरह की अफवाह या गड़बड़ी को तुरंत रोका जा सके.
अन्य मतगणना केंद्रों पर भी कड़ा पहरा
सिर्फ स्ट्रॉन्गरूम ही नहीं, बल्कि कोलकाता के पांच अन्य मतगणना केंद्रों के आसपास भी सख्त सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है. इनमें हेस्टिंग्स हाउस कॉम्प्लेक्स, एपीसी पॉलिटेक्निक कॉलेज, सेंट थॉमस बॉयज हाई स्कूल, बालीगंज गवर्नमेंट हाई स्कूल और डेविड हेयर ट्रेनिंग कॉलेज शामिल हैं. इन सभी जगहों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं और हर आने-जाने वाले व्यक्ति की जांच की जा रही है.
पूरे राज्य में 700 कंपनियां तैनात
चुनाव आयोग ने कलकत्ता हाई कोर्ट के निर्देशों का हवाला देते हुए कहा है कि राज्य में शांति बनाए रखने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं. पूरे पश्चिम बंगाल में केंद्रीय बलों की 700 कंपनियां तैनात की गई हैं. सभी मतगणना केंद्रों पर तीन स्तर की सुरक्षा व्यवस्था लागू है. संवेदनशील इलाकों में लगातार पेट्रोलिंग की जा रही है. मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल ने पुरुलिया में एक केंद्र का निरीक्षण करने के बाद कहा कि मतगणना के दिन के लिए सुरक्षा के पूरे इंतजाम किए गए हैं और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन तैयार है.
शिकायत दर्ज कराने के लिए हेल्पलाइन
चुनाव आयोग ने लोगों की शिकायतें सुनने के लिए एक टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 18003450008 जारी किया है. आयोग ने यह भी भरोसा दिलाया है कि शिकायत करने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी. इसके अलावा, लोग ईमेल (wbfreeandfairpolls@gmail.com) के जरिए भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं. आयोग ने साफ कहा है कि किसी भी तरह की गड़बड़ी की सूचना मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी.


