बंगाल चुनाव के नतीजों से पहले सट्टा बाजार में बदला ट्रेंड... बंगाल में किसकी बनेगी सरकार?

पश्चिम बंगाल चुनाव नतीजों से पहले सट्टा बाजार के अनुमान तेजी से बदल रहे हैं. फलोदी बाजार के ताजा आंकड़ों ने नई बहस छेड़ दी है और राजनीतिक माहौल में अनिश्चितता और उत्सुकता दोनों बढ़ा दी है.

Shraddha Mishra

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों का इंतजार जैसे-जैसे करीब आ रहा है, वैसे-वैसे सियासी हलचल तेज होती जा रही है. 4 मई को आने वाले परिणामों से पहले हर कोई अपने-अपने अनुमान लगा रहा है. इसी बीच सट्टा बाजार की भविष्यवाणियां भी चर्चा का केंद्र बनी हुई हैं, जो लगातार बदलती नजर आ रही हैं और राजनीतिक माहौल को और दिलचस्प बना रही हैं.

पश्चिम बंगाल में मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब सबकी नजरें मतगणना पर टिकी हैं. अलग-अलग सर्वे और एग्जिट पोल में कभी भाजपा को बढ़त मिलती दिख रही है तो कभी TMC आगे नजर आती है. इसी बीच सट्टा बाजार ने भी चुनावी चर्चा को और गर्म कर दिया है.

फलोदी सट्टा बाजार ने बदला रुख

राजस्थान का फलोदी सट्टा बाजार, जो अक्सर अपने अनुमान के लिए चर्चा में रहता है, इस बार भी बंगाल चुनाव पर नजर बनाए हुए है. खास बात यह है कि दूसरे चरण के मतदान के बाद इस बाजार के अनुमान में बड़ा बदलाव देखने को मिला है. पहले जहां यह बाजार टीएमसी को मजबूत स्थिति में दिखा रहा था, वहीं अब इसके ताजा आंकड़े बिल्कुल अलग तस्वीर पेश कर रहे हैं. इस बदलाव ने राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है.

बीजेपी को बढ़त, टीएमसी पीछे

फलोदी सट्टा बाजार के नए अनुमान के अनुसार, दूसरे चरण के मतदान के बाद BJP को 150 से 152 सीटों तक पहुंचते हुए दिखाया जा रहा है. दूसरी ओर, TMC को 137 से 140 सीटों के बीच रहने का अनुमान है. यह बदलाव इसलिए अहम है क्योंकि चुनाव से पहले यही बाजार बीजेपी को करीब 100 सीटों तक सीमित मान रहा था, जबकि टीएमसी को बढ़त दे रहा था.

भवानीपुर सीट पर भी बदले संकेत

बंगाल की चर्चित भवानीपुर सीट, जहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और सुवेंदु अधिकारी आमने-सामने हैं, वहां भी सट्टा बाजार का रुख बदला हुआ दिख रहा है. ममता बनर्जी के भाव पहले 20-25 पैसे के आसपास थे, जो अब बढ़कर करीब 50 पैसे तक पहुंच गए हैं. सट्टा बाजार की भाषा में इसे उनकी स्थिति कमजोर होने का संकेत माना जा रहा है. हालांकि ये केवल अनुमान हैं और वास्तविक नतीजे अलग हो सकते हैं.

मतगणना तक बदल सकते हैं आंकड़े

विशेषज्ञों का मानना है कि मतगणना से पहले सट्टा बाजार में इस तरह के उतार-चढ़ाव सामान्य हैं. मतदान प्रतिशत, स्थानीय मुद्दे और राजनीतिक माहौल जैसे कई कारक इन अनुमानों को प्रभावित करते हैं. इसलिए अंतिम परिणाम आने तक इन आंकड़ों में कई बार बदलाव देखने को मिल सकता है.

अन्य राज्यों के लिए क्या कहता है बाजार

अगर दूसरे राज्यों की बात करें तो असम में बीजेपी और उसके सहयोगियों को 98 से 100 सीटों के आसपास दिखाया जा रहा है, जबकि कांग्रेस को 24 से 26 सीटें मिलने का अनुमान है. वहीं तमिलनाडु में एनडीए को करीब 100 सीटें और INDIA गठबंधन को लगभग 140 सीटों की बढ़त मिलने की बात कही जा रही है. इसके अलावा केरल में सट्टा बाजार UDF को करीब 80 सीटों के साथ आगे दिखा रहा है, जबकि LDF को लगभग 60 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है.

नतीजों से पहले सस्पेंस बरकरार

फिलहाल, सट्टा बाजार के ये आंकड़े केवल संभावनाएं दिखाते हैं, न कि अंतिम सच्चाई. जैसे-जैसे मतगणना का दिन नजदीक आएगा, वैसे-वैसे इन अनुमानों में और बदलाव हो सकता है. अब सबकी नजरें 4 मई पर टिकी हैं, जब असली तस्वीर सामने आएगी और यह साफ हो जाएगा कि पश्चिम बंगाल की सत्ता किसके हाथ में जाएगी.

ताजा खबरें

ट्रेंडिंग वीडियो