मिडिल ईस्ट संघर्ष से तेल सप्लाई पर खतरा, दुनिया भर में महंगाई की आशंका
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष से कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ गई हैं. सप्लाई संकट और होर्मुज मार्ग बंद होने से ब्रेंट 115 डॉलर पार पहुंच गया.
नई दिल्ली: अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध ने दुनिया भर में तनाव बढ़ा दिया है और इसका सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर दिख रहा है. वैश्विक बाजार में तेल की कीमतें तेजी से बढ़कर 2022 के बाद पहली बार 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई हैं, जिससे तेल आयात करने वाले देशों की चिंता बढ़ गई है. सोमवार को ब्रेंट क्रूड करीब 25 प्रतिशत उछलकर 115 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया, जबकि WTI क्रूड लगभग 24 प्रतिशत बढ़कर 112 डॉलर प्रति बैरल के आसपास ट्रेड करता दिखा. वहीं मुर्बन क्रूड करीब 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया और प्राकृतिक गैस की कीमतों में भी करीब 8 प्रतिशत की तेजी आई. विशेषज्ञों के अनुसार मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष, तेल रिफाइनरियों पर हमले और कुवैत-कतर जैसे देशों द्वारा सप्लाई रोकने की चेतावनी से बाजार में घबराहट बढ़ी है. इसके अलावा होर्मुज जलडमरूमध्य पर रोक लगने से तेल की सप्लाई प्रभावित हुई है, जिससे कीमतों में तेज उछाल आया है.


