ब्रिटेन में हाल ही में हुए एयर इंडिया विमान हादसे के बाद कुछ परिवारों को अपने परिजनों के शवों की जगह किसी और के अवशेष सौंप दिए गए. पीड़ित परिवारों की ओर से कीस्टोन लॉ नामक कानूनी संस्था के वकील ने इस गड़बड़ी की जानकारी दी. वकील के अनुसार, भारत के अहमदाबाद से भेजे गए ताबूतों में शवों की सही पहचान नहीं हो सकी और इससे ग़लत अवशेष ब्रिटेन पहुंच गए.
जब ब्रिटेन में लंदन के कोरोनर ने शवों का डीएनए परीक्षण किया, तब यह सामने आया कि ताबूतों में रखे शव असल मृतकों से मेल नहीं खाते थे. एक परिवार को अंतिम संस्कार की योजना रद्द करनी पड़ी, क्योंकि उन्हें बताया गया कि जो शव उन्हें सौंपा गया था वह उनके परिजन का नहीं, बल्कि किसी अज्ञात व्यक्ति का था.
एक और चौंकाने वाली घटना में एक ताबूत में दो अलग-अलग मृतकों के अवशेष पाए गए. परिजनों को शवों को अलग करने के बाद अंतिम संस्कार करना पड़ा. एक परिवार के पास अंतिम संस्कार के लिए कुछ भी नहीं बचा, क्योंकि उन्हें जो शव मिला वह गलत निकला.
भारतीय सूत्रों के अनुसार, अहमदाबाद के सरकारी सिविल अस्पताल में डीएनए जांच के बाद शवों को सीलबंद ताबूतों में उनके परिवारों को सौंपा गया. इस प्रक्रिया में एयर इंडिया की कोई सीधी भूमिका नहीं थी. एयरलाइन ने केवल शवों के स्थानांतरण और परिजनों की सहायता की व्यवस्था की थी. केन्यन्स इंटरनेशनल इमरजेंसी सर्विसेज नामक एजेंसी ने शोकग्रस्त परिजनों की मदद की.
ब्लैकबर्न के निवासी अल्ताफ ताजू ने बताया कि उन्होंने विमान हादसे में अपने माता-पिता और बहनोई को खोया. उन्होंने कहा कि उन्हें शवों को देखने की अनुमति नहीं थी. केवल एक लेबल पकड़ा दिया गया जिसमें लिखा था कि यह उनके माता-पिता हैं. उन्होंने बताया कि पुलिस अधिकारी ने उन्हें इस गड़बड़ी की सूचना दी.
यह हादसा 12 जून को हुआ जब एयर इंडिया की उड़ान AI171, अहमदाबाद से लंदन के गैटविक जा रही थी और मेडिकल छात्रों के एक हॉस्टल पर दुर्घटनाग्रस्त हो गई. विमान में 242 लोग सवार थे, जिनमें से केवल एक यात्री बच पाया और कुल मृतकों की संख्या 260 पहुंच गई. अब जांचकर्ता ब्लैक बॉक्स (CVR और FDR) के डेटा और दुर्घटनास्थल से मिले सबूतों का विश्लेषण कर रहे हैं. वकीलों ने हादसे की विस्तृत जांच की मांग की है ताकि यह समझा जा सके कि शवों की पहचान में यह चूक कैसे हुई?
एयर इंडिया दुर्घटना पर एक रिपोर्ट के संबंध में मीडिया के सवालों के जवाब में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि हमने रिपोर्ट देखी है और जब से ये चिंताएं और मुद्दे हमारे ध्यान में लाए गए हैं, हम यूके पक्ष के साथ मिलकर काम कर रहे हैं. दुखद दुर्घटना के मद्देनजर, संबंधित अधिकारियों ने स्थापित प्रोटोकॉल और तकनीकी आवश्यकताओं के अनुसार पीड़ितों की पहचान की थी. सभी पार्थिव अवशेषों को अत्यंत व्यावसायिकता और मृतक की गरिमा के प्रति उचित सम्मान के साथ संभाला गया. हम इस मुद्दे से संबंधित किसी भी चिंता को दूर करने के लिए यूके के अधिकारियों के साथ काम करना जारी रख रहे हैं." First Updated : Wednesday, 23 July 2025