नई दिल्ली: भारत के उच्चायुक्त दिनेश पटनायक ने कनाडा की धरती पर अपराधों में भारत सरकार के शामिल होने के दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने निज्जर केस से जुड़े आरोपों को "कोरी कल्पना" बताया और कहा कि कनाडा की खुफिया एजेंसी खालिस्तानी अलगाववादियों के असर में आ चुकी है।
पटनायक ने साफ कहा कि कनाडा को पंजाब के खिलाफ अलगाववादी गतिविधियों का अड्डा बना लिया गया है और भारत के खिलाफ बनाए गए खुफिया नैरेटिव पूरी तरह राजनीति से प्रेरित हैं।
'द ग्लोब एंड मेल' में छपे एक कथित इंटरव्यू का हवाला देते हुए रिपोर्ट में कहा गया कि पटनायक ने कनाडाई सुरक्षा खुफिया सेवा CSIS के कुछ हिस्सों पर खालिस्तानी समूहों के प्रभाव में होने का आरोप लगाया।
सितंबर 2025 में कनाडा में भारतीय दूत का पद संभालने वाले पटनायक ने कहा कि भारत में यह धारणा है कि कनाडा का सुरक्षा तंत्र समझौतावादी हो चुका है। उन्होंने निज्जर हत्याकांड की जांच को तोड़-मरोड़ कर पेश करने और राजनीतिकरण का आरोप लगाया।
पटनायक ने कनाडा सरकार को चुनौती दी कि वह मीडिया और बयानों के जरिए पब्लिक ट्रायल बंद करे। उन्होंने कहा, "कोर्ट में जाइए और इसे साबित कीजिए।" उनका कहना था कि कनाडा ने अब तक कोई विश्वसनीय सबूत सार्वजनिक नहीं किया जो भारत सरकार को हत्या से जोड़ता हो।
हालांकि उन्होंने यह संभावना जरूर जताई कि कुछ सिरफिरे तत्व या स्वतंत्र रूप से काम करने वाले लोग इसमें शामिल हो सकते हैं। उन्होंने पूर्व भारतीय खुफिया अधिकारी विकास यादव का जिक्र किया जिसे जांचकर्ताओं ने निज्जर केस और अमेरिका में गुरपतवंत सिंह पन्नू की साजिश से जोड़ा है।
पटनायक ने टोरंटो में महावाणिज्य दूत महावीर सिंघवी समेत काउंटर टेररिज्म बैकग्राउंड वाले राजनयिकों की नियुक्ति का बचाव किया। प्रो-खालिस्तान समूहों की आलोचना पर उन्होंने सवाल उठाया, "वे किसी ऐसे व्यक्ति से क्यों डरते हैं जो आतंकवाद से निपटने का विशेषज्ञ रहा हो?" उन्होंने RCMP को स्वतंत्र और अच्छा संगठन बताया, लेकिन यह भी जोड़ा कि यह संस्था अतीत में राजनीतिक निर्देशों के प्रति संवेदनशील रही है।
लेख छपने के बाद उच्चायुक्त पटनायक ने आरोपों को खारिज कर दिया। कनाडा में भारतीय उच्चायोग के एक्स हैंडल से कहा गया कि भारत ने कनाडा की एजेंसियों के साथ बहुत अच्छा सहयोग रखा है।
NSA की यात्रा और सुरक्षा एजेंसियों की नियमित बैठकें इसका प्रमाण हैं। बयान में कहा गया कि रिपोर्ट ऑफ-द-रिकॉर्ड बातचीत पर आधारित है, जिसे संदर्भ से हटाकर पेश किया गया और यह संस्थाओं की निष्ठा पर भारत के मौजूदा आकलन को नहीं दर्शाती।
गौरतलब है कि कनाडा के सार्वजनिक सुरक्षा मंत्री गैरी आनंदसंगारी ने CSIS के कॉम्प्रोमाइज्ड होने के दावे को झूठा बताया। 2023 में हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद दोनों देशों के रिश्ते खराब हुए थे।
2024 में कई राजनयिकों को निकाला गया था। निज्जर केस में चार भारतीय नागरिकों पर फर्स्ट-डिग्री मर्डर का चार्ज है, जिनका ट्रायल 2027 में शुरू हो सकता है। तनाव के बीच दोनों देश व्यापार वार्ता दोबारा शुरू कर 2026 के अंत तक FTA पूरा करने की कोशिश में हैं। First Updated : Wednesday, 27 May 2026