Trump Putin meeting: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच अलास्का में हुई मुलाकात के अगले ही दिन ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर एक पोस्ट साझा किया. ट्रंप ने लिखा- रूस पर बड़ी प्रगति, देखते रहिए. इस संक्षिप्त संदेश ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है और कयास लगाए जा रहे हैं कि ये यूक्रेन युद्ध को लेकर किसी बड़े समझौते का संकेत हो सकता है.
ट्रंप के इस बयान के बाद चर्चा तेज हो गई है कि अमेरिका और उसके यूरोपीय सहयोगी यूक्रेन को नाटो जैसे सुरक्षा गारंटी देने पर विचार कर सकते हैं. ट्रंप के दूत स्टीव विटकॉफ ने खुलासा किया कि इस बैठक में पहली बार पुतिन ने इस तरह की व्यवस्था के लिए लचीलापन दिखाया.
स्टीव विटकॉफ के अनुसार, हम इस नतीजे पर पहुंचे कि अमेरिका और अन्य यूरोपीय देश यूक्रेन को आर्टिकल 5 जैसी सुरक्षा गारंटी देने पर सहमत हो सकते हैं. हालांकि, तीन घंटे चली बैठक में युद्धविराम या यूक्रेन में रूसी आक्रमण को रोकने पर कोई ठोस समझौता नहीं हो पाया.
यूरोपीय देशों की सरकारें अब ये विचार कर रही हैं कि क्रेमलिन पर दबाव कैसे बढ़ाया जाए. जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीयर स्टार्मर ने रविवार को बैठक कर जेलेंस्की की स्थिति मजबूत करने और सुरक्षा गारंटी सुनिश्चित करने पर चर्चा की.
अमेरिकी विदेश मंत्री मारको रुबियो ने कहा कि ट्रंप-पुतिन बैठक में कुछ ऐसी बातें हुईं जिनसे यूक्रेन युद्ध खत्म करने की दिशा में प्रगति संभव है. हालांकि, उन्होंने ये भी स्पष्ट किया कि तत्काल शांति समझौते की उम्मीद करना जल्दबाजी होगी. मारको रुबियो ने चेतावनी दी कि अगर समझौता नहीं हुआ तो रूस को और कड़े परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं.
ब्रसेल्स में पत्रकारों से बातचीत में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा कि हमें असली वार्ता चाहिए, जो मौजूदा फ्रंटलाइन से शुरू हो. उन्होंने युद्धविराम को वार्ता की पहली शर्त बताया और जोर दिया कि ये बेहद जरूरी है कि वॉशिंगटन हमारे साथ हो. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप और पुतिन ने एक प्रस्ताव पर भी चर्चा की, जिसके तहत रूस कुछ छोटे हिस्सों को छोड़ सकता है, जबकि यूक्रेन पूर्वी मोर्चे पर ज्यादा क्षेत्र रूस को सौंपेगा और बाकी मोर्चे यथावत रखे जाएंगे.
First Updated : Sunday, 17 August 2025