PM Modi in Paris: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी तीन दिवसीय यात्रा के तहत फ्रांस पहुंचे, जहां उन्होंने अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से मुलाकात की और उन्हें रिपब्लिकन पार्टी की सत्ता में वापसी पर बधाई दी. यह मुलाकात पेरिस के एलिसी पैलेस में आयोजित एक रात्रिभोज के दौरान हुई, जहां फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों भी मौजूद थे. इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने वेंस से गर्मजोशी से हाथ मिलाते हुए कहा, "बधाई हो! एक शानदार जीत."
प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा कई महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठकों और रणनीतिक साझेदारियों को मजबूत करने के लिए हो रही है. वह फ्रांस में एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) एक्शन शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता करेंगे और भारत-फ्रांस के बीच व्यापार, तकनीकी और कूटनीतिक संबंधों को और अधिक सुदृढ़ करने पर चर्चा करेंगे.
प्रधानमंत्री मोदी सोमवार को फ्रांस पहुंचे, जहां राष्ट्रपति मैक्रों ने एलिसी पैलेस में आयोजित रात्रिभोज में उनका गर्मजोशी से स्वागत किया. इस डिनर में गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई, कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो और जर्मनी के चांसलर ओलाफ शोल्ज भी मौजूद थे. फ्रांस में आयोजित एआई एक्शन शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी भाग लेंगे, जिसका उद्देश्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के जिम्मेदार और नैतिक उपयोग को बढ़ावा देना है. यह कार्यक्रम वैश्विक अर्थव्यवस्था और तकनीकी नवाचार को दिशा देने के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने इस यात्रा की प्रासंगिकता पर जोर देते हुए कहा कि इस मंच पर वैश्विक नेता एआई के भविष्य और इससे जुड़े नीतिगत मुद्दों पर विचार-विमर्श करेंगे.
रात्रिभोज के दौरान पीएम मोदी ने अमेरिका के नवनिर्वाचित उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से मुलाकात की. यह मुलाकात इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि वेंस डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन में उपराष्ट्रपति के रूप में कार्यभार संभाल चुके हैं और अब रिपब्लिकन पार्टी की सत्ता में वापसी हुई है. भारत और अमेरिका के द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में यह बातचीत अहम मानी जा रही है.
प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा का एक अन्य महत्वपूर्ण पड़ाव होगा कैडारैचे, जहां वे अंतर्राष्ट्रीय थर्मोन्यूक्लियर प्रायोगिक रिएक्टर (आईटीईआर) का दौरा करेंगे. यह परियोजना स्वच्छ परमाणु संलयन ऊर्जा के विकास पर केंद्रित है और भारत इसमें एक प्रमुख भागीदार है. इस परियोजना से भविष्य में दुनिया को स्वच्छ और सतत ऊर्जा स्रोत उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी.
फ्रांस की यात्रा के बाद प्रधानमंत्री मोदी 12-13 फरवरी को अमेरिका जाएंगे, जहां वह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करेंगे. यह बैठक कई मामलों में महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि ट्रंप प्रशासन के नए कार्यकाल के तहत भारत-अमेरिका संबंधों को नई दिशा देने पर चर्चा होगी. दोनों देशों के बीच व्यापार, रक्षा, प्रौद्योगिकी और रणनीतिक साझेदारी जैसे अहम मुद्दों पर वार्ता होने की संभावना है. First Updated : Tuesday, 11 February 2025