न्यूज़ीलैंड में 6.3 तीव्रता का भूकंप, सुनामी अलर्ट से मची दहशत
गुरुवार शाम न्यूज़ीलैंड में धरती हिल गई। साउथ आइलैंड के ते अनाऊ के पास आए तेज भूकंप के बाद पहले सुनामी की चेतावनी जारी की गई थी, लेकिन बाद में उसे सलाह में बदल दिया गया।

नई दिल्ली: गुरुवार शाम न्यूज़ीलैंड में धरती हिल गई। साउथ आइलैंड के ते अनाऊ के पास आए तेज भूकंप के बाद पहले सुनामी की चेतावनी जारी की गई थी, लेकिन बाद में उसे सलाह में बदल दिया गया। फिलहाल बड़े नुकसान की कोई खबर नहीं है।
कब और कहां आया भूकंप?
भूकंप गुरुवार शाम को आया। इसका केंद्र ते अनाऊ शहर से करीब 40 किलोमीटर उत्तर में था। ते अनाऊ फियोर्डलैंड नेशनल पार्क का मुख्य गेटवे है और पर्यटकों के बीच काफी पॉपुलर है।
अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे USGS और जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज दोनों ने भूकंप की तीव्रता 5.9 मापी। भूकंप जमीन से 50 किलोमीटर से ज्यादा गहराई पर आया था।
न्यूज़ीलैंड की भूकंप मॉनिटरिंग एजेंसी जियोनेट को भूकंप महसूस करने वाले लोगों से 20,000 से ज्यादा रिपोर्ट मिलीं। मुख्य झटके के बाद ते अनाऊ के आसपास 7 छोटे-छोटे आफ्टरशॉक्स भी आए।
पहले सुनामी वार्निंग, फिर एडवाइज़री
झटके इतने तेज थे कि निचले साउथ आइलैंड में हर जगह महसूस किए गए। इसे देखते हुए न्यूज़ीलैंड नेशनल इमरजेंसी मैनेजमेंट एजेंसी NEMA ने तुरंत एक्शन लिया। शुरुआत में मिलफोर्ड साउंड से लेकर पुइसेगुर पॉइंट तक फैले पश्चिमी तट के लिए सुनामी वार्निंग जारी की गई।
एजेंसी ने तटीय इलाकों के लोगों से कहा कि वे तुरंत ऊंची जगहों पर जाएं या समुद्र से दूर भीतर की तरफ चले जाएं। लेकिन बाद में डेटा रिव्यू के बाद NEMA ने वार्निंग को डाउनग्रेड कर दिया। तीव्रता 5.9 और गहराई ज्यादा होने की वजह से बड़े सुनामी का खतरा नहीं माना गया। चेतावनी को "सुनामी एडवाइज़री" में बदल दिया गया।
अब कैसी है स्थिति?
NEMA ने साफ किया कि अब तटीय इलाकों में बाढ़ आने की संभावना नहीं है। लोगों को घर खाली करने की जरूरत नहीं है, जब तक लोकल सिविल डिफेंस की तरफ से कोई नया निर्देश न आए।
हालांकि एजेंसी ने चेतावनी दी है कि मिलफोर्ड साउंड से पुइसेगुर पॉइंट तक साउथ आइलैंड के पश्चिमी तट पर अगले कुछ घंटों में तेज समुद्री धाराएं और असामान्य लहरें आ सकती हैं। मछुआरों और तट पर जाने वाले लोगों को सावधानी बरतने को कहा गया है।
न्यूज़ीलैंड भूकंप के लिहाज से काफी एक्टिव जोन में आता है। पैसिफिक रिंग ऑफ फायर पर स्थित होने की वजह से यहां समय-समय पर भूकंप आते रहते हैं। फिलहाल प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।


