6 घंटे तक चेतावनी, फिर सीधा एक्शन... अमेरिकी नौसेना ने ईरानी जहाज ‘M/V Touska’ पर किया कब्जा
अरब सागर में अमेरिकी नौसेना ने संदिग्ध ईरानी जहाज ‘M/V Touska’ को रोककर अपने कब्जे में लिया. CENTCOM के मुताबिक, इस कार्रवाई से पहले अमेरिकी नौसेना ने जहाज को कई बार चेतावनी दी थी. इसके बावजूद जहाज बढ़ता रहा, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई.

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच 20 अप्रैल को अरब सागर से एक बड़ी खबर सामने आई, जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल मचा दी. नियमित पेट्रोलिंग के दौरान अमेरिकी नौसेना ने एक संदिग्ध जहाज को रोककर अपने कब्जे में ले लिया. यह जहाज ईरानी झंडे वाला ‘M/V Touska’ था, जो कथित तौर पर अमेरिकी नाकेबंदी को तोड़ने की कोशिश कर रहा था.
यह घटना उस समय हुई जब अमेरिकी बल अरब सागर में सामान्य निगरानी अभियान चला रहे थे. इसी दौरान ‘M/V Touska’ नाम का कंटेनर जहाज तेज गति से आगे बढ़ता हुआ दिखाई दिया. जहाज की गतिविधियां संदिग्ध लगने पर अमेरिकी नौसेना तुरंत सतर्क हो गई. जैसे ही यह स्पष्ट हुआ कि जहाज निर्धारित दिशा और नियमों का पालन नहीं कर रहा है, अमेरिकी बलों ने तुरंत कार्रवाई का फैसला लिया.
मरीन ने ऐसे संभाला मोर्चा
अमेरिकी मरीन ने बिना देर किए जहाज को घेर लिया और उस पर चढ़ाई कर दी. पूरी कार्रवाई बेहद तेजी और सटीकता के साथ अंजाम दी गई. कुछ ही समय में ‘M/V Touska’ को पूरी तरह नियंत्रण में ले लिया गया. जहाज पर कब्जा करने के बाद मरीन ने वहां मौजूद लोगों और हालात को सुरक्षित किया, ताकि आगे की जांच बिना किसी बाधा के की जा सके.
U.S. forces patrol the Arabian Sea near M/V Touska, April 20, as the Iranian-flagged vessel's container cargo is searched after U.S. Marines boarded and seized the ship when it attempted to violate the U.S. naval blockade. pic.twitter.com/Czs127lK6p
— U.S. Central Command (@CENTCOM) April 20, 2026
जहाज की तलाशी और जांच
कब्जे के बाद सबसे अहम कदम जहाज की जांच का था. अमेरिकी केंद्रीय कमान (CENTCOM) के अनुसार, मरीन ने जहाज में रखे कंटेनर कार्गो की गहन तलाशी ली. इस दौरान जहाज में मौजूद सामान, दस्तावेज और अन्य जरूरी चीजों को ध्यान से जांचा गया. अधिकारियों का मकसद यह पता लगाना था कि जहाज में क्या ले जाया जा रहा था और क्या इसमें किसी तरह का प्रतिबंधित सामान शामिल है.
पहले दी गई थीं कई चेतावनियां
CENTCOM के मुताबिक, इस कार्रवाई से पहले अमेरिकी नौसेना ने जहाज को कई बार चेतावनी दी थी. निर्देशित मिसाइल विध्वंसक USS Spruance ने करीब छह घंटे तक ‘M/V Touska’ को बार-बार रुकने के संकेत दिए. इसके बावजूद जहाज अपनी दिशा में बढ़ता रहा और ईरान के बंदर अब्बास की ओर जाने की कोशिश करता रहा, जिसके बाद यह कार्रवाई जरूरी हो गई.
जहाज की पृष्ठभूमि भी संदिग्ध
MarineTraffic के आंकड़ों के अनुसार, ‘M/V Touska’ का आखिरी ठिकाना 12 अप्रैल को मलेशिया का पोर्ट क्लांग था. इससे पहले यह जहाज चीन के झूहाई शहर और ईरान के अलग-अलग बंदरगाहों के बीच लगातार आवाजाही करता रहा है. अमेरिकी वित्त मंत्रालय के विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय के मुताबिक, यह जहाज तेहरान स्थित ‘मोसाखर दरिया शिपिंग कंपनी’ के स्वामित्व में है, जिस पर पहले से ही प्रतिबंध लगे हुए हैं. बताया गया है कि यह जहाज 2018 से प्रतिबंधों की सूची में शामिल है, जबकि इससे जुड़ी कंपनियों और प्रबंधन पर 2012 से ही कार्रवाई चल रही है.
नजरें अब ईरान पर
अरब सागर में हुई इस घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट हो गई हैं. अमेरिकी नौसेना इस इलाके में लगातार निगरानी कर रही है और इस कार्रवाई को उसी अभियान का हिस्सा माना जा रहा है. फिलहाल मरीन जहाज और उसके कार्गो पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं. अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस कार्रवाई पर ईरान की क्या प्रतिक्रिया सामने आती है और इससे क्षेत्रीय तनाव पर क्या असर पड़ेगा.


