नई दिल्ली: दुनिया के दो अलग-अलग कोनों से प्राकृतिक आपदा की बड़ी खबरें सामने आ रही हैं. एक तरफ जहां अफगानिस्तान में बुधवार, 1 जुलाई की देर रात भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए, वहीं दूसरी ओर पिछले हफ्ते दो शक्तिशाली ट्विन भूकंपों का सामना कर चुके वेनेजुएला में स्थिति बेहद दर्दनाक बनी हुई है. राहत की बात यह है कि अफगानिस्तान में फिलहाल किसी जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है, लेकिन वेनेजुएला में मरने वालों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है.
भूकंप के झटकों से कांपा अफगानिस्तान
नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि अफगानिस्तान में भारतीय समयानुसार बुधवार रात ठीक 11:27 बजे 5.5 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया. इस भूकंप का केंद्र जमीन से करीब 173 किलोमीटर की गहराई पर था। गनीमत यह रही कि इस तेज झटके के बाद भी किसी बड़े नुकसान या हताहत की तत्काल कोई खबर सामने नहीं आई है.
भूकंपीय क्षेत्र इलाका
रेड क्रॉस की रिपोर्ट के मुताबिक, अफगानिस्तान का 'हिंदू कुश' इलाका बेहद संवेदनशील सिस्मिक जोन (भूकंपीय क्षेत्र) में आता है, जिसके कारण यहां अक्सर भूकंप आते रहते हैं. संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के कार्यालय का कहना है कि अफगानिस्तान लगातार प्राकृतिक आपदाओं जैसे भूकंप, भूस्खलन और मौसमी बाढ़ की मार झेलता रहा है. दशकों के संघर्ष और सीमित विकास के कारण यहां के स्थानीय समुदायों के लिए बार-बार आने वाले ये झटके मुसीबत को और बढ़ा देते हैं, जिससे उनके संभलने की क्षमता बेहद कम हो जाती है.
वेनेजुएला में भीषण तबाही, 1,900 से अधिक मौतें
अफगानिस्तान के विपरीत, दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में पिछले हफ्ते आए दो विनाशकारी भूकंपों ने भारी तबाही मचाई है. नेशनल असेंबली के अध्यक्ष जॉर्ज रामिरेज ने आधिकारिक घोषणा करते हुए बताया कि मलबे से शवों के मिलने का सिलसिला जारी है और अब तक कम से कम 1,943 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है. यह आंकड़ा पिछले दिन की तुलना में करीब 200 अधिक है.
10,000 बॉडी बैग मंगवा रहे हैं
हालांकि, अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) और अन्य अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों का अनुमान है कि मलबे के नीचे दबे लोगों की संख्या को देखते हुए मौतों का वास्तविक आंकड़ा इससे कहीं ज्यादा, हजारों में हो सकता है. स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वेनेजुएला में संयुक्त राष्ट्र के रेजिडेंट और मानवीय समन्वयक जियानलुका रैम्पोला के अनुसार, यूएन और स्थानीय सरकार मिलकर एहतियातन 10,000 बॉडी बैग मंगवा रहे हैं. प्रभावित इलाकों में अभी भी मलबे को हटाने और जीवित बचे लोगों को तलाशने का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है. First Updated : Thursday, 02 July 2026