New Delhi: आधुनिक युद्ध में सबसे पहला हमला हवा से होता है। दुश्मन ड्रोन भेजता है। इसके बाद क्रूज और बैलिस्टिक मिसाइलें दागी जाती हैं। एयर डिफेंस सिस्टम इन खतरों को पहले ही पकड़ लेता है। रडार आसमान में हर हलचल देखता है। कंट्रोल सिस्टम तय करता है कौन सा खतरा असली है। फिर इंटरसेप्टर मिसाइल छोड़ी जाती है। कुछ ही सेकंड में हमला नाकाम हो जाता है।
अमेरिका के पास दुनिया का सबसे उन्नत मल्टी लेयर एयर डिफेंस है। पैट्रियट PAC-3 कम और मध्यम दूरी की मिसाइलों को रोकता है। THAAD लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल गिराने में सक्षम है। समुद्र में एजिस सिस्टम तैनात है। यह जहाजों से हवा में हमला रोकता है। अमेरिका का रडार नेटवर्क बहुत विशाल है। इसी कारण उसकी हवाई सुरक्षा बेहद मजबूत मानी जाती है।
रूस एयर डिफेंस तकनीक में दुनिया के शीर्ष देशों में है। उसका S-400 सिस्टम 400 किलोमीटर दूर तक लक्ष्य भेद सकता है। यह एक साथ कई मिसाइल और विमान ट्रैक करता है। इसके बाद S-500 आया है। यह हाइपरसोनिक और बैलिस्टिक मिसाइल रोकने के लिए बनाया गया है। यह बहुत ऊंचाई पर काम करता है। रूस इसे अपनी रणनीतिक ताकत मानता है।
चीन ने खुद का एयर डिफेंस नेटवर्क तैयार किया है। HQ-9 और HQ-22 उसके मुख्य सिस्टम हैं। ये पूरी तरह स्वदेशी तकनीक पर आधारित हैं। चीन ने इन्हें सीमाओं और समुद्री इलाकों में तैनात किया है। ड्रोन और मिसाइलों को जल्दी पकड़ने में ये सक्षम हैं। चीन ने रडार नेटवर्क को बहुत घना बनाया है। इससे उसकी प्रतिक्रिया समय बेहद कम हो गया है।
इजराइल लगातार हमलों के खतरे में रहता है। इसलिए उसने लेयर आधारित एयर डिफेंस बनाया। आयरन डोम छोटे रॉकेट और ड्रोन गिराता है। डेविड्स स्लिंग मध्यम दूरी के खतरे रोकता है। एरो सिस्टम लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल से बचाव करता है। हर सिस्टम अपनी सीमा में काम करता है। यही इजराइल की सबसे बड़ी ताकत है।
फ्रांस के पास SAMP/T एस्टर सिस्टम है। ब्रिटेन का सी वाइपर नौसेना को सुरक्षा देता है। जापान ने पैट्रियट PAC-3 और एजिस सिस्टम लगाए हैं। साउथ कोरिया का KAMD नेटवर्क उत्तर कोरिया के खतरे से निपटता है। ये सभी सिस्टम आधुनिक और भरोसेमंद हैं। इन देशों ने तकनीक और रणनीति दोनों पर ध्यान दिया है।
भारत की स्थिति दुनिया में कहां खड़ी है?भारत ने एशिया के सबसे मजबूत एयर डिफेंस नेटवर्क में से एक तैयार किया है। देश के पास रूसी S-400 सिस्टम है। इसके साथ स्वदेशी आकाश मिसाइल सिस्टम भी है। भारत और इजराइल ने मिलकर बराक-8 बनाया है। यह समुद्र और जमीन दोनों से काम करता है। भारत लगातार अपने रडार और कमांड सिस्टम को मजबूत कर रहा है। हवाई सुरक्षा में भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। First Updated : Tuesday, 16 December 2025