नई दिल्ली: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच इस्फहान शहर पर बड़ा सैन्य हमला किया गया है. अमेरिका ने यहां स्थित एक महत्वपूर्ण सैन्य और परमाणु सुविधा को निशाना बनाते हुए बंकर-बस्टर बमों का इस्तेमाल किया, जिससे इलाके में भारी विस्फोट और आग की घटनाएं सामने आई हैं.
यह हमला ऐसे समय में हुआ जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कुछ ही घंटे पहले सैन्य कार्रवाई को समाप्त करने के संकेत दिए थे. इसके बावजूद इस ऑपरेशन ने क्षेत्र में तनाव को और अधिक बढ़ा दिया है.
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, इस ऑपरेशन में 2,000 पाउंड (करीब 1,000 किलोग्राम) के बंकर-बस्टर बमों का इस्तेमाल किया गया. यह बम विशेष रूप से मजबूत और भूमिगत संरचनाओं को नष्ट करने के लिए बनाए जाते हैं.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस्फ़हान ईरान का एक प्रमुख सैन्य केंद्र है, जो उसके परमाणु बुनियादी ढांचे से भी जुड़ा हुआ है. हमले में बड़ी संख्या में भेदन क्षमता वाले हथियारों का इस्तेमाल किया गया, जिससे संकेत मिलता है कि लक्ष्य अत्यधिक सुरक्षित और किलेबंद था.
हमले के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें रात के समय लगातार कई विस्फोट होते दिखाई दे रहे हैं. वीडियो में आग की लपटें और धुएं के गुबार भी नजर आते हैं.
हालांकि इस वीडियो के साथ कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी गई, लेकिन बाद में अधिकारियों ने इसे इस्फ़हान हमले से जुड़ा बताया. फुटेज की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है.
हाल के दिनों में इस्फ़हान का महत्व और बढ़ गया था. खबरें थीं कि ईरान ने लगभग 540 किलोग्राम अत्यधिक समृद्ध यूरेनियम को शहर की भूमिगत सुविधाओं में स्थानांतरित किया था.
इसी वजह से इस इलाके को रणनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा था और इसे निशाना बनाया गया.
बंकर-बस्टर बम ऐसे विशेष हथियार होते हैं, जिन्हें विस्फोट से पहले जमीन के अंदर तक घुसकर लक्ष्य को नष्ट करने के लिए डिजाइन किया जाता है. इनका उपयोग आमतौर पर भूमिगत बंकरों, सैन्य ठिकानों और परमाणु स्थलों को खत्म करने के लिए किया जाता है.
इस श्रेणी का एक शक्तिशाली हथियार ‘मैसिव ऑर्डनेंस पेनिट्रेटर (एमओपी)’ है, जिसे बोइंग ने विकसित किया है. यह 30,000 पाउंड का बम है, जो मजबूत स्टील संरचना और जीपीएस तकनीक के जरिए गहराई तक जाकर विस्फोट करता है. हालांकि इस ऑपरेशन में अपेक्षाकृत छोटे बंकर-बस्टर का इस्तेमाल किया गया.
इस्फहान पर हमला ऐसे समय हुआ, जब कुछ घंटे पहले ईरान ने दुबई तट के पास एक कुवैती तेल टैंकर ‘अल-सलमी’ को निशाना बनाया था. इस घटना के बाद क्षेत्र में ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है.
हालांकि इस हमले में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन तेल रिसाव की आशंका जताई गई है.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सहयोगियों से संकेत दिया है कि वे ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान को समाप्त करने के लिए तैयार हैं, भले ही होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह खुला न हो.
बताया जा रहा है कि प्रशासन ने आकलन किया है कि इस मार्ग को खोलने की कोशिश से संघर्ष लंबा खिंच सकता है. इसलिए अमेरिका फिलहाल ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करने और कूटनीतिक दबाव बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रहा है. First Updated : Tuesday, 31 March 2026